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अब सुरक्षा कवच के साथ LAC पर तैनात होंगे ITBP के कमांडो

चीन से लगने वाली लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी (LAC) पर तैनात होने वाले ITBP के जवानों को अब फुल बॉडी प्रोटेक्टर दिए जाएंगे, ये ठीक वैसे होंगे जैसे जवान कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी से बचने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के जवान पहनते हैं.

LAC पर तैनात जवानों के लिए फुल बॉडी प्रोटेक्टर की सुविधा दी जाएगी LAC पर तैनात जवानों के लिए फुल बॉडी प्रोटेक्टर की सुविधा दी जाएगी

  • ITBP की एक कंपनी के 10 फीसदी जवानों को मिलेगा यह कवच
  • फुल बॉडी कवच को बारी-बारी से सभी जवान कर सकेंगे इस्तेमाल
चालबाज़ चीन ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर पिछले दिनों में जो चालबाजियां की हैं उसको अब उसी की तर्ज़ पर जवाब देने के लिए हमारे सुरक्षा बलों ने तैयारी कर ली हैं. चीन लद्दाख में जब भी भारतीय सुरक्षा बलों के सामने आता है तो बातचीत की बजाए पत्थरबाज़ी करने लगता है.

चीन की ओर से इस पत्थरबाजी से किसी भी तरीके का नुकसान न हो, इसके लिए सरकार ITBP के जवानों के लिए फुल बॉडी गियर मंगा रही है. कश्मीर में आतंक परस्त पत्थरबाजों की तरह अब अगर चीनी बॉर्डर पर भी पत्थरबाजी की घटना हुई है तो उससे निपटने के लिए तरीका भी कश्मीर वाला ही निकाला गया है.

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी (LAC) पर तैनात होने वाले ITBP के जवानों को अब फुल बॉडी प्रोटेक्टर दिए जाएंगे, ये ठीक वैसे होंगे जैसे जवान कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी से बचने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के जवान पहनते हैं.

आजतक को सूत्रों ने बताया कि सरकार ने यह फैसला लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के धोखे से हुए हमले के बाद लिया है. LAC पर चीन के सैनिकों ने 15 जून की रात भारतीय जवानों पर पत्थरों और नुकीले तारों वाले डंडों से हमला किया था, जिसमें 20 जवान शहीद हो गए थे.

फिर न घटे ऐसी घटना

सूत्रों ने बताया है कि ITBP सर्दियों में भी सभी जगह भारत चीन सरहद पर डटी रहती है जिसमें इस दौरान कोई घटना पेट्रोलिंग के समय वैसी न हो इसके लिए सुरक्षा कवच से ढके होंगे जवान.

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ITBP की एक कंपनी में लगभग 100 से ज्यादा जवान होते है जिसमें से 10 प्रतिशत जवानों को फुल बॉडी प्रोटेक्टर दिया जाएगा. इनका इस्तेमाल बदल-बदलकर वे जवान करेंगे जो LAC पर लॉंग रेंज पेट्रोलिंग और शॉर्ट रेंज पेट्रोलिंग करने के लिए उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में बॉर्डर तक जाते हैं.

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आजतक को ITBP के सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि ITBP कुछ महीने पहले 5-6 हजार के आस-पास फूल बॉडी प्रोटेक्टर खरीदे थे लेकिन वर्तमान में गलवान और पैंगोंग लेक के पास चीनी सैनिकों के रवैये को देखते हुए चीन बॉर्डर से जुड़े राज्यों जहां बॉर्डर पर ITBP की तैनाती है, उन 50 से 60 कंपनियों के करीब 10 प्रतिशत जवानों के लिए और फूल बॉडी प्रोटेक्टर खरीदे जाएंगे.

फूल बॉडी प्रोटेक्टर खरीदे जाने का सीधा मकसद यही है कि हमारे जवान चीन के साथ होने वाले किसी भी खूनी झड़प में घायल और चोटिल न हों.

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