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अंकिता मर्डर: गुस्से में गांववाले, आरोपी BJP नेता के बेटे के रिजॉर्ट में तोड़फोड़, पहले की थी पिटाई

अंकिता की हत्या के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के रिजॉर्ट में तोड़फोड़ की है. इससे पहले जब पुलिस उसे कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी तो लोगों ने गाड़ी रोक कर उसकी पिटाई कर दी थी.

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उत्तराखंड में रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की मौत के बाद स्थानीय लोग गुस्से में हैं. पहले तीनों आरोपियों की पुलिस जीप में ही लोगों ने पिटाई कर दी और अब ग्रामीणों ने पुलकित आर्य के रिजॉर्ट में तोड़फोड़ की है.

बता दें कि अंकिता की हत्या के मामले में पहले ही तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जिसमें पुलकित आर्य भी शामिल है जो उस रिजॉर्ट का मालिक है जहां अंकिता काम करती थी. पुलकित आर्य वहां के दिग्गज बीजेपी नेता का बेटा भी है.

अंकिता के चार दिनों से लापता होने के बाद से रिसॉर्ट संचालक और मैनेजर फरार दोनों फरार थे. अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के बार में कई जानकारी दी है.

बीजेपी नेता का बेटा है पुलकित आर्य

हत्या का मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्य का बेटा है और वनंत्रा रिजॉर्ट का मालिक है. पुलकित आर्य लॉकडाउन के दौरान भी उस वक्त विवादों में आया था जब उत्तर प्रदेश के विवादित नेता अमरमणि त्रिपाठी के साथ उत्तरकाशी में प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गया था.

पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

पुलिस ने हत्या के इस मामले में अब चौंकाने वाला खुलासा किया है कि आखिर अंकिता की हत्या क्यों और कैसे हुई? उस दिन अंकिता और पुलकित के बीच विवाद क्यों हुआ था? घटना की वजह क्या बनी? 

अंकिता का पता लगाने के लिए पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया. 18 सितंबर को अंकिता भंडारी रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता के साथ रात आठ बजे ऋषिकेश गई थी.

उसके बाद से ही वो लापता हो गई थी. बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने झगड़े के बाद उसे धक्का दे दिया था जिसके बाद नहर में डूबने से उसकी मौत हो गई.

आरोपियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जब सब के बयानों को मिलाया और सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से सबूतों को इकट्ठा किया तो मामले का खुलासा हो गया.

पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपने जुर्म का इकबाल करने पर इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201, 120-B के तहत केस दर्ज किया गया और इन्हें अरेस्ट कर लिया गया.

इस बीच सीएम धामी ने उत्तराखंड राज्य के सभी रिजॉर्ट की जांच के आदेश जिलाअधिकारियों को दिए हैं. धामी ने कहा कि जो रिजॉर्ट अवैध बने हैं या अवैधानिक रूप से संचालित हैं उनके खिलाफ तत्काल आवश्यक कार्रवाई होगी.

 

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