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UP: लापरवाही या बीमारी! परिजनों का आरोप, ऑक्सीजन सपोर्ट हटाने से गई मरीज की जान

मृतक की बेटी का आरोप है कि उसके पिता को जानबूझकर मारा गया है. उन्हें ऑक्सीजन तक नहीं दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस, परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है. हालांकि इस बारे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है.

लापरवाही से गई जान (सांकेतिक फोटो) लापरवाही से गई जान (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज कोविड हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में एक बार फिर मरीज की मौत हो गई है. परिजनों ने मरीज को जान बूझकर मारने का आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि मरीज की ऑक्सीजन निकाल दी गई थी. डीएम साहब ने बेहतर इलाज के लिए एफएच रेफर करने को कहा था, पर रेफर नहीं किया गया. परिजनों में काफी आक्रोश है. मौके पर थाना पुलिस पहुंच गई है और आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है. 

फिरोज़ाबाद के थाना टूण्डला क्षेत्र निवासी 44 वर्षीय रवि जैन, 30 तारीख से फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज के सौ शैय्या कोविड वार्ड में भर्ती थे. मृतक के भाई का आरोप है कि रवि जैन यहां भर्ती था, उसे बुखार था. उसका कोरोना टेस्ट भी पॉजिटिव आया था. प्रिंसिपल के कहने से उसे 30 अप्रैल को बड़ी मुश्किल से भर्ती कराया गया था. हमें बताया गया कि उसका ऑक्सीजन लेवल 92 था. यानी कि उसकी हालत ठीक थी, लेकिन सोमवार शाम को अचानक उसकी तबीयत खराब हुई और उसे वेंटिलेटर पर रख दिया गया.  

सुबह खाने के लिए दलिया भेजा था. दलिया खिलाया गया, फिर पता चला कि उनकी मृत्यु हो गयी और हमें सूचना तक नहीं दी. बल्कि उनके शव को जलाने ले जा रहे थे. यहां हमारा नंबर भी रजिस्टर्ड है पर सूचना तक नहीं दिया गया. सुबह जब सही थे तो अब अचानक मृत्यु कैसे हो गयी? 

वहीं मृतक की बेटी का आरोप है कि उसके पिता को जानबूझकर मारा गया है. उन्हें ऑक्सीजन तक नहीं दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस, परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है. हालांकि इस बारे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है.

 

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