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UP: विधानसभा चुनाव पर BJP में अभी से सुगबुगाहट, नेताओं से जिलावार फीडबैक शुरू

काशी और ब्रज के बाद अवध क्षेत्र का जिलावार फीडबैक लेने के लिए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बैठकें शुरू कर दी हैं. उन्होंने पहले दिन लखनऊ, रायबरेली और अंबेडकरनगर की कोर कमेटियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं. हर जिले की कोर कमेटी के साथ लगभग दो-दो घंटे की बैठकें चलीं.

यूपी बीजेपी में विधानसभा चुनाव के लिए हलचल (फाइल फोटो-पीटीआई) यूपी बीजेपी में विधानसभा चुनाव के लिए हलचल (फाइल फोटो-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लगातार बैठकें कर रहे स्वतंत्रदेव सिंह
  • नेताओं का ले रहे हैं फीडबैंक
  • सरकारी हस्तक्षेप पर नेता वर्ग नाराज

यूपी विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से ज्यादा का समय है, लेकिन बीजेपी ने अभी से ही इस चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है. बीजेपी ने जमीनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है, भाजपा प्रदेश नेतृत्व की तरफ से अलग-अलग जिलों की कोर कमेटियों की बैठकें की जा रही है और कार्यकर्ताओं, मतदाताओं का मन टटोला जा रहा है. 

काशी और ब्रज के बाद अवध क्षेत्र का जिलावार फीडबैक लेने के लिए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बैठकें शुरू कर दी हैं. उन्होंने पहले दिन लखनऊ, रायबरेली और अंबेडकरनगर की कोर कमेटियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं. हर जिले की कोर कमेटी के साथ लगभग दो-दो घंटे की बैठकें चलीं. इनमें वर्तमान क्षेत्र अध्यक्ष, संबंधित जिले के जिलाध्यक्ष के साथ पूर्व जिलाध्यक्ष, क्षेत्र प्रभारी, प्रभारी मंत्री, विधायक और क्षेत्रीय पदाधिकारी शामिल हुए. 

बैठक में 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार के कामकाज को लेकर जनता से फीडबैक लेने के साथ ही विधायकों से सांसदों और सरकार की लोकप्रियता से संबंधित जानकारी जुटाई गई. 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने विधायकों से उनकी अपेक्षा और सरकार और अधिकारियों को लेकर उनके जिले की स्थिति के बारे में भी फीडबैक लिया. 

जिले में संगठन की स्थिति जानने के साथ ही विपक्षी दलों की स्थिति के बारे में भी जानकारी जुटाई गई. विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक कोटे की सीटों के चुनाव पर भी चर्चा हुई. 

सूत्रों ने बताया है कि इन बैठकों के दौरान जिलों मे  पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये को लेकर भी असंतोष के सुर उभरे. बावजूद इसके प्रदेश अध्यक्ष ने नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी न करने की हिदायत दी है और अपनी बात पार्टी के फोरम पर रखने को कहा है. 

स्वतंत्र देव ने विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों से जिलों और उनके क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं की जानकारी ली. इन बैठकों को आगामी चुनावों में टिकट बंटवारे के लिये सही नेता के चुनाव की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है. लोकप्रियता और सक्रियता के आधार पर हर सीट के नेताओं की लिस्ट बनाई जायेगी और इसे टिकटों के बंटवारे के दौरान ध्यान में रखा जाएगा.

 

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