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लखनऊः अस्पताल में ना इलाज मिल सका, ना एंबुलेंस, मां की मौत के बाद शव को रिक्शे पर लेकर आए बेटे

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दर्दनाक तस्वीर देखने को मिली है. यहां बेटों को जब अपनी मां का शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली, तो रिक्शे पर ही शव ले जाने को मजबूर हो गए.

रिक्शे पर मां के शव को लाने को मजबूर बेटे. रिक्शे पर मां के शव को लाने को मजबूर बेटे.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इलाज ना मिल पाने से हो गई मां की मौत
  • घंटों इंतजार करने के बाद भी नहीं मिल सकी एंबुलेंस

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को एक बड़ी ही दर्दनाक तस्वीर देखने को मिली. यहां दो बेटे अपनी मां के शव को घर ले जाने के लिए घंटों तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे. लेकिन जब एंबुलेंस नहीं मिली, तो थक-हारकर रिक्शे से ही शव को घर तक ले गए.  

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के लाल बाग में रहने वाले विवेक अपनी बुजुर्ग मां को हजरतगंज स्थित सिविल अस्पताल ले गए थे. उनकी मां को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत थी. लेकिन अस्पताल में उनकी मां को इलाज ही नहीं मिला. नतीजा ये हुआ कि मां की अस्पताल में ही मौत हो गई. मां की मौत के बाद विवेक शव घर ले जाने के लिए घंटों तक सरकारी एंबुलेंस का इंतजार ही करते रह गए, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली. प्राइवेट एंबुलेंस से बात की, तो उसने हजारों रुपयों की मांग कर दी. आर्थिक तंगी की वजह से प्राइवेट एंबुलेंस का खर्च नहीं उठा सके. थक हारकर विवेक रिक्शे पर ही अपनी मां का शव लेकर घर लौट आए.

विवेक का कहना है कि "हम लोग मामूली सा काम करते हैं. मां को ब्लड प्रेशर की शिकायत थी. रात को दिखाया था. फिर सुबह ले गए थे. लेकिन यहां पर इलाज नहीं मिल पाया और उनकी मौत हो गई. हम एंबुलेंस का इंतजार करते रहे. हमें नहीं मिली. उसके बाद हमने प्राइवेट एंबुलेंस से बात की. जिन्होंने 5 से 7 हजार रुपए की मांग की. हमारा पैसा कई महीनों से नहीं आया है. हम कैसे ले जाते? तो ऐसी स्थिति में हमने रिक्शे पर ही अपनी मां के शव को घर ले आए. हम बहुत गरीब हैं क्या करें?"

 

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