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शामली में मदरसे के छात्रों ने नरेंद्र मोदी को बताया मुख्यमंत्री, शैक्षणिक स्तर मिला कमजोर

उत्तर प्रदेश के शामली में प्रशासन की टीम मदरसों का निरीक्षण करने पहुंची. इस दौरान कई मदरसे गैर-पंजीकृत मिले. मदरसों में दीनी तालीम लेने वाले बच्चों का शैक्षणिक स्तर भी बहुत कमजोर मिला. बच्चों ने यूपी के मुख्यमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी बता दिया. वहीं, शामली के डीएम का नाम मोहम्मद खालिद बताया.

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मदरसे का निरीक्षण करते अधिकारी. (Photo: Aajtak)
मदरसे का निरीक्षण करते अधिकारी. (Photo: Aajtak)

उत्तर प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देश पर शामली में भी मदरसों के सर्वे शुरू हो चुका है. जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देश पर बनाई गई टीम ने शुक्रवार को मदरसों के सर्वे को निकली. शामली में करीब 105 मदरसे हैं, इनमें करीब 85 गैर-मान्यता प्राप्त हैं.

शामली में मदरसे में दीनी तालीम लेने वाले बच्चों ने यूपी के मुख्यमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी बताया. शामली के डीएम का नाम पूछने पर मोहम्मद खालिद बताया. एसडीएम सदर विशु राजा और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंशुल चौहान के नेतृत्व में एक टीम मदरसों का सर्वे करने पहुंची थी.

टीम ने शामली नगर में तीन मदरसों का सर्वे किया और तीनों ही गैर-पंजीकृत मिले. मदरसों में प्रशासन की ओर से बताए गए 11 बिंदुओं के आधार पर टीम सर्वे कर रही है. इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी.

इसके बाद 30 सितंबर तक यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को भेजी जाएगी. टीम जब पहुंची, तो किसी भी मदरसे में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे नहीं मिले. तर्क यह दिया गया कि आज शुक्रवार के दिन मदरसों में छुट्टी रहती है.

सामान्य ज्ञान के प्रश्नों का सही उत्तर भी नहीं दे पाए बच्चे
मदरसे में मौजूद कुछ छात्र मिले, जिनसे सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे गए. मगर, कोई भी बच्चा सही उत्तर नहीं दे सका. यूपी के मुख्यमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी बताया. एक छात्र ने शामली के जिला अधिकारी का नाम मोहम्मद खालिद बताया.

यहां मदरसों में एनसीईआरटी की किताबें नहीं पढ़ाई जाती हैं. यहां इस्लामिक दीनी तालीम दी जाती है. सर्वे टीम का नेतृत्व कर रहे एसडीएम सदर विश्व राजा ने बताया, "शुक्रवार को 3 मदरसों का सर्वे किया गया है. तीनों ही गैर पंजीकृत निकले."

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