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सीएम गहलोत ने उठाई अजय कुमार लल्लू की रिहाई की मांग, PM मोदी-शाह से मांगी मदद

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू की रिहाई की मांग की है. उन्होंने कहा है कि बिना गलती के कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी निंदनीय है. पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा तत्काल इस मामले में दखल दें.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

  • बस विवाद में गिरफ्तार हुए थे अजय कुमार लल्लू
  • सीएम अशोक गहलोत ने की रिहाई की मांग
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुखिया अजय कुमार लल्लू की गिरफ्तारी को निंदनीय बताया है. सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के अध्यक्ष जेपी नड्डा से तत्काल दखल देकर रिहा करने की मांग की है.

अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, 'यूपी कांग्रेस के मुखिया अजय कुमार लल्लू को बिना गलती के गिरफ्तार कर लेना बेहद निंदनीय है. जनता की आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है. अगर हर सत्तारूढ़ पार्टी यही करेगी तो इसका बेहद गलत प्रभाव पड़ेगा.'

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा को तत्काल उनकी रिहाई करने के लिए दखल देना चाहिए. अशोक गहलोत ने अपने ट्विटर अकाउंट पर तीनों नेताओं को मेंशन किया है.

UP कांग्रेस अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरोध में आगरा में प्रदर्शन

कांग्रेस-बीजेपी में बढ़ी तकरार

कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के बीच प्रवासी मजदूरों को बस मुहैया कराने के मुद्दे पर सियासी जंग लड़ी जा रही है. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भरतपुर में खड़ी बसों को आगरा जिला प्रशासन राजनीतिक वजहों के चलते एंट्री नहीं दे रहा है.

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया था कि बीजेपी प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर राजनीति कर रही है. वहीं इस मामले पर बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने जिन बसों की लिस्ट सौंपी थी, उसमें से ज्यादातर बसों के नंबर ही नहीं थे. आगरा ग्रामीण के एसपी ने कहा था कि इंटर स्टेट यात्रा के लिए बसों की स्थिति इजाजत देने लायक नहीं है.

आगरा से गिरफ्तार हुए थे अजय कुमार लल्लू

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुखिया अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस नेता विवेक कुमार बंसल और अन्य नेताओं के साथ जयपुर आगरा हाईवे पर मंगलवार को बैठे थे. वे आगरा जिला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे थे क्योंकि जिला प्रशासन बसों की यात्रा की अनुमति नहीं दे रहा था. कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने जबरन हटाया.

बस विवाद पर कांग्रेस विधायक ने ही प्रियंका गांधी को घेरा, कहा- ये कैसा क्रूर मजाक

कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक वापस भेजने के लिए बसों का इंतजाम किया था. बुधवार को दोनों पार्टियों के बीच जारी सियासी जंग तब खत्म हुई जब कांग्रेस ने बसों को वापस भेजने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें यूपी में एंट्री नहीं मिल रही थी.

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