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बरेली में हथियारों से लैस BSF के जवानों को देखकर भागे प्रदर्शनकारी, जानें पूरा मामला

Bareilly News: देर रात पुल बनवाने के लिए खुदाई का कार्य शुरू हुआ तो मौके पर पहुंचकर कारोबारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. जिला प्रशासन को अनुमान था कि यह प्रदर्शन सुबह होते- होते उग्र हो सकता है इसलिए अधिकारियों ने सीधे BSF को ही बरेली बुला लिया गया. जिसे देखकर प्रदर्शनकारियों के पसीने छूटे और तुरंत ही प्रदर्शन खत्म हो गया.

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प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए BSF के जवान तैनात
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए BSF के जवान तैनात

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात किया जा जाता है. लेकिन बरेली शहर में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जिला प्रशासन को पीएसी पुलिस नहीं बल्कि बीएसएफ को मदद के लिए बुलाय. शहर में हथियारों के साथ BSF को देख हड़कंप मच गया. दरअसल बरेली शहर में स्थानीय कारोबारी एक फ्लाइओवर बनने का विरोध कर रहे हैं. जिसकी वजह से पुल के निर्माण का कार्य काफी समय से रुका हुआ है. जिसे फिर से शुरू किया गया.

देर रात पुल बनवाने के लिए खुदाई का कार्य शुरू हुआ और मौके पर पहुंचकर कारोबारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. जिला प्रशासन को अनुमान था कि यह प्रदर्शन सुबह होते- होते उग्र हो सकता है और इस रोकने के लिए सीधे बीएसएफ को ही बरेली बुला लिया गया. हथियारों से लैस, फुल तैयारी के साथ पहुंचे बीएसएफ के जवान सीधे मौके पर पहुंचे. 

बीएसएफ की ऐसी तैयारियों को देखकर प्रदर्शनकारियों के पसीने छूटने लेगे. धीरे-धीरे एक के बाद एक प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ व्यापारियों के नेता भी धीरे-धीरे मौके से खिसकने लगे और प्रदर्शन शांत हो गया. पुल के विरोध के चलते रविवार को बरेली का मुख्य बाजार बंद रहा. जिससे करोड़ों रुपये का थोक बाजार प्रभावित हुआ. 

प्रदर्शनकारी व्यापारी अमरजीत सिंह ने बताया कि कुतुबखाना बाजार एरिया सबसे पुराना है. इसे बचाने के लिए हम लोग जमा हुए थे. विकास का नाम देकर यहां पर पुल बनवाया जा रहा है. जिसकी कोई भी आवश्यकता नहीं है. पुल बनने से व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा. व्यापार से जुड़े ठेले वाले हैं, ट्रांसपोर्टर्स के भूखे मरने तक की नौबत आ सकती है. जिसका हम विरोध कर रह हैं. 

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