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श्रावणी मेले में आगरा के राजेश्वर मंदिर में समुदाय विशेष के लोग नहीं लगा पाएंगे दुकान, कमेटी का फैसला

श्रावणी मेले के मौके पर आगरा के चर्चित राजेश्वर मंदिर में समुदाय विशेष के लोग इस बार पूजा सामग्री की दुकान नहीं लगा पाएंगे. इस बात का फैसला मंदिर कमेटी ने किया है, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं.

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राजेश्वर मंदिर में दुकान नहीं लगा पाएंगे समुदाय विशेष के लोग
राजेश्वर मंदिर में दुकान नहीं लगा पाएंगे समुदाय विशेष के लोग
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मंदिर कमेटी ने कहा, नाम बदलकर पहले लगाते थे दुकान
  • मेले में महिला भक्तों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

आगरा के प्राचीन राजेश्वर मंदिर के परिसर में सावन के पहले समोवार को लगने वाले मेले में इस बार समुदाय विशेष के लोगों को पूजा सामग्री की दुकानें नहीं लगाने दी जाएंगी. मंदिर कमेटी पदाधिकारियों ने इस बात का ऐलान कर दिया है.

मेला कमेटी  के पदाधिकारियों का कहना है देश मे चल रही मौजूदा गतिविधियों और पूर्व में हुए 'थूक कांड' को देखते हुए इस बात का फैसला लिया गया है. मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि समुदाय विशेष के लोगों को किसी भी सूरत में मंदिर के आसपास पूजा सामग्री की दुकानें नहीं लगाने दी जाएंगी.

कमेटी पदाधिकारियों का कहना है कि हर साल लगने वाले प्रसिद्ध राजेश्वर मंदिर में लाखों की संख्या में महिला भक्त पहुंचती हैं. ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है कि समुदाय विशेष के लोग मंदिर परिसर से दूर ही रहे. 

पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि समुदाय विशेष के लोग मंदिर से दूर अपनी दुकानें लगा सकते हैं लेकिन पूजा सामग्री की दुकान उन्हें कहीं भी नहीं लगाने दी जाएंगी. 800 साल प्राचीन राजेश्वर मंदिर में 18 जुलाई को विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा.

आगरा के अलावा आसपास के जिलों और राज्यों से भी श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए राजेश्वर मंदिर आते हैं. मेले में लाखों की भीड़ पहुंचती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि मेले के दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग दुकान लगाने के लिए आते हैं. 

मेले में विशेष समुदाय के लोगों की दुकान पहले से लगती आ रही हैं या नहीं इस बाबत विशेष रूप से किसी भी स्थानीय को जानकारी नहीं है. अनुमान को आधार बनाकर सब विशेष समुदाय के लोगों के दुकान लगाने की बात कह रहे है.

वहीं हिंदूवादी नेता स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि मेले में पहले नाम बदलकर विशेष समुदाय के लोग दुकान लगाते थे, अब मेले में उन्हें दुकान लगाना है तो अपना नाम बता कर काम करें. इसमें हर समाज हर धर्म के लोग शामिल होते हैं.

वहीं इस मामले पर एडीएम सिटी ने जानकारी दी है कि ये मेला कमेटी का अपना निर्णय है. व्यवस्थाओं को बनाने के लिए मेला कमेटी अपना निर्णय ले सकती है.

 

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