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नोएडा में आवारा कुत्तों ने ली 7 महीने के मासूम की जान, पहले भी सामने आ चुकी थी क्रूरता

नोएडा के सेक्टर 100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसायटी में जिन आवारा कुत्तों ने सात महीने के मासूम को नोच-नोचकर मार डाला. इससे पहले भी इन कुत्तों ने साल 2020 में एक पालतू खरगोश को मौत के घाट उतार दिया था. खरगोश के बाद उन्होंने एक पिल्ले को मार डाला. इन आवारा कुत्तों के आक्रामकता का पुराना इतिहास है.

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सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो

नोएडा के सेक्टर 100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसायटी में जिन आवारा कुत्तों ने सात महीने के मासूम को नोच-नोचकर मार डाला. उन्होंने पहले भी ऐसे ही आक्रामकता दिखाते हुए एक पालतू खरगोश और एक पप्पी को मार डाला था, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं करनी दी गई. 

लोटस बुलेवार्ड सोसायटी में जब इन कुत्तों ने खरगोश और पिल्ले को मारा था तो पीएफए (पीपल फॉर एनिमल) के लोग उन्हें शेल्टर में ले जाने के लिए आए थे, लेकिन सोसायटी के जो लोग इन्हें खिलाते थे उन्होंने इसका विरोध किया.  

पशु अधिकार कार्यकर्ता कावेरी राणा भारद्वाज ने बताया कि उन्हीं कुत्तों ने साल 2020 में एक पालतू खरगोश को मौत के घाट उतार दिया था. खरगोश के बाद उन्होंने एक पिल्ले को मार डाला. इन आवारा कुत्तों के आक्रामकता का पुराना इतिहास है. उन्होंने सोसायटी के कुछ बच्चों पर भी हमला किया, लेकिन उन्हें केवल कुछ दिनों के लिए निजी शेल्टर में ट्रांसफर कर दिया गया. बाद में स्थानीय फीडर के दबाव में उन्हें वापस भेज दिया गया. इनमें से कुछ स्थानीय लोगों ने तो कुत्तों को ले जाने वाली वैन को भी रोक दिया था. 

कावेरी ने बताया कि अगर किसी भी कुत्ते में हिंसक व्यवहार दिखाई देता है तो उसे सरकारी शेल्टर में भेजा जाना चाहिए. यदि कुत्ता आक्रामकता के लक्षण दिखाना जारी रखता है तो उसे कितने भी समय के लिए वहां रखा जा सकता है. उसके लिए कोई समय सीमा नहीं होती है. पशु प्रेमी और फीडर्स को देश के कानून का पालन करना चाहिए. 

'आक्रामक कुत्तों के बचाव में न उतरें'

उन्होंने कहा कि कुत्तों को ले जाने के लिए बचाव में वैन को रोककर कोई इंसानों के जीवन को जोखिम में नहीं डाल सकता है. एक संतुलन बनाए रखना होगा क्योंकि जब बच्चे पर हमला किया गया था और वह मर गया तो बच्चे द्वारा कोई उत्तेजना या आक्रामकता नहीं दिखाई गई थी. लोटस बुलेवार्ड के लोगों ने कुत्तों को खिला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया था. जिन्होंने ऐसे कुत्तों को शेल्टर में रखने और ऐसे कुत्तों को समाज से हटाने से रोका था. काफी मशक्कत के बाद अधिकारी कुछ कुत्तों को सोसायटी परिसर से बाहर निकालने में सफल रहे थे. 

लोटस बुलेवर्ड सोसायटी में आवारा कुत्तों का आतंक

बता दें कि नोएडा के थाना सेक्टर 39 की लोटस बुलेवर्ड सोसायटी में आवारा कुत्तों ने सात महीने के मासूम को नोच कर मार डाला. कुत्तों ने बच्चे को इतनी बुरी तरह काटा कि उसकी आंतें तक बाहर आ गईं. उसे तुरंत यथार्थ अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. बच्चे के माता-पिता मध्यप्रदेश के दमोह जिले के रहने वाले हैं और सेक्टर 100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसायटी में रिपेयरिंग का काम कर रहे थे. वो अपने 7 महीने के बच्चे को साथ लेकर आते थे. सोमवार को उन्होंने साइट पर ही चादर पर उसे लिटा दिया और खुद काम करने में लग गए. देर शाम आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया था. 

 

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