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खाकी और खादी के मेल से 25 महिलाओं को मिला रोजगार, गौतमबुद्ध नगर में शुरू हुआ सोलर चरखा

गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह की पत्नी आकांक्षा सिंह ने इसके लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ट्रेनिंग के बाद सभी महिलाओं को सूत से धागा बनाने का काम दिया जाएगा.

प्रशिक्षण शिविर की हुई शुरुआत प्रशिक्षण शिविर की हुई शुरुआत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पुलिस लाइन में लगाए गए सोलर चरखे
  • महिलाओं को 15 दिन दिया जाएगा प्रशिक्षण

गौतमबुद्ध नगर जिले में पुलिस ने महिला सशक्तिकरण की तरफ बड़ा कदम बढ़ाया है. गौतमबुद्ध नगर जिले में खाकी और खादी के मेल से महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई पहल हुई है. खाकी और खादी एक साथ खड़े होकर महिला सशक्तिकरण, बदलाव लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. खादी के जरिए रोजगार सृजन की शुरुआत करने वाला गौतमबुद्ध नगर पहला जिला बन गया है.

गौतमबुद्ध नगर जिले की पुलिस लाइन में खाकी और खादी के मेल से सोलर चरखे की शुरुआत हुई है जिसमें 25 महिलाओं को रोजगार मिला है. गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह की पत्नी आकांक्षा सिंह ने इसके लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ट्रेनिंग के बाद सभी महिलाओं को सूत से धागा बनाने का काम दिया जाएगा. आकांक्षा सिंह ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित पुलिस लाइन में उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग की ओर से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यह बात कही.

पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह और आकांक्षा सिंह की पहल पर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने नोएडा पुलिस लाइन में सोलर चरखा प्रशिक्षण शुरू किया है. गौतमबुद्ध नगर पुलिस लाइन में 15 दिवसीय सोलर चरखा प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित महिलाओं को सूत से धागा बनाने का काम दिया जाएगा जिससे प्रत्येक महिला को प्रति किलोग्राम 120 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा. प्रतिदिन केवल 7-8 घंटे काम करने पर एक महिला 300 से 360 रुपये कमा सकती है.

आकांक्षा सिंह ने कहा कि इस योजना के माध्यम से पुलिसकर्मियों के परिवार की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में मदद मिलेगी. सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाएगा जिससे उनकी आय बढ़ाने के साथ ही उन्हें स्वावलंबी बनाने में भी सहयोग मिलेगा. उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों के परिजनों के वेलफेयर के लिए वामा सारथी एसोसिएशन इकाई गौतमबुद्ध नगर निरंतर कार्य कर रही है.

खादी ग्रामोद्योग अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि खादी ग्रामोद्योग विभाग ने करीब 25 महिलाओं को 11 लाख रुपए कीमत के सोलर चरखे बगैर शुल्क के दिए हैं. सभी महिलाओं को कच्चा माल भी बाकायदा मुहैया कराया जाएगा और तैयार माल की खरीद के साथ-साथ भुगतान के लिए खादी संस्थान से अनुबंध किया गया है. उन्होंने बताया कि सोलर चरखा योजना के तहत 25 सोलर चरखे पुलिस लाइन में स्थापित किए गए हैं.

खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों के परिवार की 30 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित महिलाओं को हर रोज 300 से 400 रुपये तक की आमदनी हो सकेगी. भविष्य में पुलिसकर्मियों के परिवार की महिलाओं को बड़े स्तर पर इस योजना से जोड़ते हुए उन्हें स्वावलंबी बनाने की योजना है. इसके लिए खाकी वर्दी का कपड़ा भी तैयार करने की योजना है.

 

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