scorecardresearch
 

'ओमप्रकाश राजभर का बस्ती में आना मना है...,' मऊ में बैनर लगाए जाने से सियासत गरमाई

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर एक बार फिर चर्चा में हैं. राजभर से नाराज पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार इस्तीफे दे रहे हैं. इन नेताओं ने नवरात्र में नई पार्टी के गठन का ऐलान भी कर दिया है तो दूसरी तरफ एक नया विवाद सामने आ गया है.

X
सुभासपा नेता ओमप्रकाश राजभर के विरोध में बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं.
सुभासपा नेता ओमप्रकाश राजभर के विरोध में बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं.

यूपी के मऊ जिले में एक बैनर-पोस्टर चर्चा का विषय बन गया है. यहां घोसी विधानसभा क्षेत्र में लखीमपुर गांव के मुख्य मार्ग पर लगाए गए बैनर में लिखा है- ओम प्रकाश राजभर का राजभर बस्ती में आना मना है. इसी तरह गांव में घरों के बाहर पोस्टर भी लगाए गए हैं. ये पोस्टर घरों के बाहर दीवारों पर चस्पा किए गए हैं.

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर एक बार फिर चर्चा में हैं. राजभर से नाराज पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार इस्तीफे दे रहे हैं. इन नेताओं ने नवरात्र में नई पार्टी के गठन का ऐलान भी कर दिया है तो दूसरी तरफ एक नई मुसीबत आ गई है. शुक्रवार को प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक लेने के लिए ओमप्रकाश राजभर मऊ पहुंचे, लेकिन उनके आने से पहले ही लखीमपुर गांव की राजभर बस्ती जाने वाली मुख्य सड़क पर बैनर-पोस्टर अचानक चर्चा में आ गए.

ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ बैनर-पोस्टर वार

इस पोस्टर और बैनर्स में लिखा था- 'ओमप्रकाश राजभर का राजभर बस्ती में आना मना है.' दरअसल, अब तक ओमप्रकाश राजभर का विरोध पार्टी छोड़ने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा था लेकिन अब उनके खिलाफ बैनर और पोस्टर वार भी शुरू हो गया है. 

ओमप्रकाश 18 अक्टूबर को लखीपुर गांव में करने वाले हैं सभा

बता दें कि ओमप्रकाश राजभर 18 अक्टूबर को मऊ के घोसी विधानसभा के इसी लखीपुर गांव से सावधान यात्रा के जरिए एक रैली का आयोजन करने जा रहे हैं. उससे पहले ही राजभर का विरोध शुरू होने से सियासी माहौल भी गरमा गया है. हालांकि ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि वे लोग हमारा विरोध नहीं कर रहे हैं. हमारा प्रचार किया जा रहा है. 

राजभर बोले- हमारा प्रचार हो रहा है

ओमप्रकाश ने आगे कहा कि देखिए भगवान का नाम दो तरह से लिया जाता है. एक तो राम-राम कहा जाता है और एक हरे राम हरे राम. दोनों शब्द की तुलना करेंगे तो अलग-अलग है. लेकिन नाम तो भगवान का ही है. हमारा प्रचार हो रहा है. हम भगवान नहीं हैं. 

सुभासपा सिर्फ बाप और बेटे की पार्टी रह गई

वहीं, सुभासपा के पूर्व पदाधिकारी मनोज राजभर ने खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर पार्टी की विचारधारा से भटक गए हैं. सिर्फ बाप और बेटे की पार्टी रह गई है और सारे राजभर महेंद्र राजभर के समर्थन में मैदान में उतरे हैं और उनको किसी भी राजभर बस्ती में घुसने नहीं दिया जाएगा. टिकट पाते हैं और बेच देते हैं. सिर्फ बाप और बेटा लड़ते हैं.

बेटे को सांसद बनाने की छटपटाहट है

मनोज ने कहा कि अब्बास अंसारी कितने दिन तक इनके पार्टी में थे और कितना सुहेलदेव का नारा लगाए थे, लेकिन 6 करोड़ों रुपये लेकर उनको टिकट दिया और विधायक बनवा दिया. अपने बेटे को घोसी लोकसभा सीट से सांसद बनाने के लिए उनके मन में छटपटाहट है, इसीलिए बीते रोज वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे. वह बुल्डोजर के डर से बाबा से मिलने गए थे. अब उनका खदेड़ा होगा. 

ओमप्रकाश की मऊ से विदाई तय है

मनोज का कहना था कि अब ओमप्रकाश नहीं कहेंगे कि बाबा को भीख मांगने की ट्रेनिंग देने के लिए भेजेंगे. बाबा को गोरखपुर मठ पर घंटा बजाने के लिए भेजेंगे. वह सदन में कहे थे कि चिलम चोर है. गांजा पीता है. भंगेड़ी है. इतने अपशब्दों का प्रयोग किया. अब ओमप्रकाश चाचा की मऊ से विदाई है. यहां सभा करने वाले हैं. उनको पता चल जाएगा कि यहां पर कितनी सभा हो रही है. क्या मऊ में राजभर नेता नहीं हैं. ये मऊ की प्रतिभाओं को दबा रहे हैं. 

बीजेपी को फिर धोखा देंगे राजभर

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में थे तो यहां पहले से जो राजभर थे उनको खा गए. अब भाजपा में भाग रहे हैं और वहां पर जो युवा पहले से पड़े हैं, उनका हिस्सा गटक जाएंगे. वह भारतीय जनता पार्टी को फिर धोखा देंगे और किसी चीज का अंत होता है. अब इनका अंत आ गया है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें