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मथुरा में मंदिर की जमीन पर मजार ! तहसीलदार समेत 23 लोगों पर केस दर्ज

मथुरा के गांव शाहपुर में बिहारी जी महाराज सेवा ट्रस्ट की जमीन की दस्तावेजों में हेराफेरी कर मंदिर की जमीन पर मजार बनाने के मामले में 23 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है.

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मंदिर की जमीन पर मजार
मंदिर की जमीन पर मजार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तत्कालीन तहसीलदार-लेखपाल पर केस
  • 18 साल पहले कागज में हेराफेरी का आरोप

मथुरा में मंदिर की जमीन पर मजार बनाने का मामला सामने आया है. कोसीकलां इलाके के गांव शाहपुर में बिहारी जी महाराज सेवा ट्रस्ट की जमीन की दस्तावेजों में हेराफेरी कर मंदिर की जमीन पर मजार बनाने के मामले में 23 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है. 

आरोप है कि 18 साल पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा द्वारा एक सपा नेता भोला खान ने लेखपाल एवं राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर बिहारी महाराज सेवा ट्रस्ट की भूमि पर स्थित मंदिर पर कब्जा कर जमीन को तहसील के कागजातों में हेराफेरी करते हुए कब्रिस्तान की भूमि में दर्ज करा दिया गया.

सेवा पूजा के अभाव में खंडहर हुए बिहारी जी मंदिर प्रांगण पर 15 मार्च 2020 को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा मंदिर के सिंहासन को तोड़कर उसे मजार में तब्दील कर दिया गया था. यहां पूर्व में ही बने कुएं को भी तहस नहस कर दिया. 15 मार्च 2020 को इन लोगों ने बिहारीजी के क्षतिग्रस्त सिंहासन पर मजार का पक्का निर्माण कर इबादत शुरू कर दी थी.

राम अवतार की तहरीर पर मामले की जांच की गई तो स्थिति स्पष्ट हो गई. पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और ग्राम प्रधान सहित 23 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.  

एसपी देहात श्रीचंद का कहना है कि शाहपुर में एक धार्मिक स्थल को तोड़कर कतिपय लोगों द्वारा निर्माण किए जाने और इस भूमि से संबंधित फर्जी तरीके से जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी करने की सूचना प्राप्त हुई, सूचना के बाद मामले में जांच की गई तो प्रकरण को सही पाया गया, मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

वही इस मामले में धर्म रक्षा संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरव गौड़ ने बताया कि धर्म रक्षा संघ का एक प्रतिनिधि मंडल कोसीकला के गांव शाहपुर में निरीक्षण करने के लिए गया था. जहां इस जमीन पर अवैध रूप से 2004 में कब्रिस्तान बनाने के लिए दे दिया जबकि वह भूमि बिहारी जी मंदिर की थी. हमने प्रशासन को चेतावनी दी है कि 15 दिन के अंदर इसका समाधान करना चाहिए.

 

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