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मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास पर कानून का शिकंजा, घर पर भगोड़ा होने का नोटिस चस्पा

अब्बास शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग से जुड़े एक मामले में वांछित है. अब्बास की तलाश में लखनऊ पुलिस ने यूपी में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ ही पंजाब और राजस्थान में भी धरपकड़ की कोशिश की. लेकिन फिर भी पुलिस के हाथ खाली हैं.

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भगोड़ा विधायक अब्बास अंसारी
भगोड़ा विधायक अब्बास अंसारी

यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा से विधायक अब्बास अंसारी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. जिसके चलते एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा तक घोषित कर दिया है. जिसके बाद शनिवार को लखनऊ पुलिस ने अब्बास के घर पर नोटिस चस्पा किया है. दरअसल, शनिवार को गाजीपुर के मोहम्मदाबाद पहुंची लखनऊ पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुनादी कर अब्बास के आवास पर भगोड़ा घोषित करने का नोटिस चस्पा किया है. 

बता दें कि अब्बास शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग से जुड़े एक मामले में वांछित है. अब्बास की तलाश में लखनऊ पुलिस ने यूपी में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ ही पंजाब और राजस्थान में भी धरपकड़ की कोशिश की. हालांकि वह पुलिस के हाथ नहीं लग सका. जिसके चलते बाद एमपी/एमएलए की स्पेशल कोर्ट ने 14 जुलाई को अब्बास अंसारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. 

135 ठिकानों पर रेड, फिर भी अब्बास फरार

अब्बास अंसारी की तलाश में लखनऊ पुलिस ने लखनऊ से लेकर पंजाब और राजस्थान में छापेमारी कर रही है. 14 जुलाई को लखनऊ के एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास अंसारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. 43 दिन में पुलिस की 12 टीमें उत्तर प्रदेश समेत 8 राज्यों में 135 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है. 8 राज्यों में छापेमारी के बाद भी विधायक अब्बास अंसारी का पता नहीं चल पाया है. गिरफ्तारी से बचने के लिए ही अब्बास अंसारी ने राष्ट्रपति चुनाव में भी वोट नहीं डाला था. दो दिन पहले ही अब्बास अंसारी ने कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन डाली थी लेकिन 2 घंटे बाद ही अब्बास ने सरेंडर एप्लीकेशन वापस ले ली थी.

ये है पूरा मामला

गौरतलब है कि अब्बास अंसारी पर लखनऊ पुलिस को बगैर बताए शस्त्र लाइसेंस नई दिल्ली ट्रांसफर कराने का आरोप है. इसी को लेकर कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था. उस पर एक लाइसेंस पर धोखाधड़ी कर कई शस्त्र लेने का भी आरोप है. अब्बास अंसारी के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने 12 अक्टूबर 2019 को शस्त्र लाइसेंस को लेकर एक मामला दर्ज किया था. जिसकी जांच के बाद पुलिस ने धारा 467, 468, 471, 420 और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था.

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