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Lucknow hotel fire: लेवाना होटल के मालिक पुलिस हिरासत में, नहीं दे पाए नक्शा

UP News: राजधानी लखनऊ के लेवाना होटल के मालिकों को पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है. मालिकों से होटल का नक्शा मांगा गया था. लेकिन वो होटल का नक्शा नहीं उपलब्ध करा पाए. अब होटल को सील करके उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी. लेवाना होटल अग्निकांड में 4 लोगों की जान चली गई है.

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लखनऊ का लेवाना होटल
लखनऊ का लेवाना होटल

UP News: राजधानी लखनऊ में लेवाना होटल ( Levana Hotel) के मालिकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पता चला है कि लेवाना होटल को बिना नक्शा पास किए ही बनाया गया था. क्योंकि मालिक अपने होटल का नक्शा उपलब्ध नहीं करा पाए. अब प्रशासन लेवाना होटल को सील करके ध्वस्तिकरण की कार्यवाही करेगा.

लेवाना होटल अग्निकांड मामले में लखनऊ मंडल आयुक्त डॉ.रोशन जैकब ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को पत्र लिखा है. डॉ. जैकब ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रथम दृष्टया फायर एस्केप (Fire Escape) प्रबंधन प्रणाली के अभाव और होटल की खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल के होने पर फायर विभाग की ओर अनापत्ति कैसे जारी की गई, यह जांच का विषय है. होटल के नक्शे की कोई कॉपी लखनऊ विकास प्राधिकरण को नहीं दी गई है.

साथ ही उन्होंने कहा कि लेवाना होटल के मालिकों को लखनऊ जोनल अधिकारी ने 26 मई 2022 को नोटिस भी दिया था और उसका जवाब नहीं मिलने पर 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत भी नोटिस जारी किया गया था. अब इस संबंध में तत्काल होटल सीलिंग की कार्रवाई करते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्यवाही कराई जाए.

जानकारी के लिए बता दें कि लेवाना होटल अग्निकांड में 4 लोगों की जान चली गई है. 30 कमरों वाले इस होटल में घटना के वक्त 18 कमरों में 35 लोग मौजूद थे. सोमवार सुबह करीब 7 बजे होटल में आग लगी थी. आग होटल की किचन से लगने की बात सामने आई है. 

होटल में इस तरह की आग और रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी को गंभीरता से लेते हुए यूपी सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. जांच कमेटी में प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव चिकित्सा और अन्य सीनियर अफसरों को शामिल किया गया है.

ऑक्सीजन सपोर्ट पर घायल

होटल से रेस्क्यू किए गए घायलों को लखनऊ सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों का कहना है कि धुआं उनके फेफड़ों तक पहुंच गया है. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सिविल अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले थे.

 

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