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योगी सरकार ने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 के लिए कसी कमर, 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य

यूपी सरकार ने एक पत्र के जरिए अन्य देशों को यूपी में निवेश के माहौल, सुविधाओं और अन्य जानकारियां दी गईं. इसके साथ यह भी बताया गया है कि उनके देश के कौन से शहर में यूपी सरकार के मंत्री इस समिट के लिए रोडशो करेंगे. इस रोड शो में उन देशों के विदेश मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है. 

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योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में अगले साल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है. यह आयोजन 10 से 12 फरवरी को होगा. इसके लिए यूपी सरकार तैयारियों में व्यस्त है. इस ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के जरिए यूपी सरकार ने राज्य में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश लाने का लक्ष्य रखा है. यूपी सरकार ने समिट में हिस्सा लेने के लिए 13 देशों के उद्योग मंत्रियों को पत्र भी भेजे हैं और उन्हें कंट्री पार्टनर के तौर पर जुड़ने को कहा है.

यह पत्र औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की ओर से भेजे गए हैं. इस पत्र के जरिए अन्य देशों को यूपी में निवेश के माहौल, सुविधाओं और अन्य जानकारियां दी गईं. इसके साथ यह भी जानकारी दी गई कि उनके देश के कौन से शहर में यूपी सरकार के मंत्री इस समिट के लिए रोडशो करेंगे. इस रोड शो में उन देशों के विदेश मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके कैबिनेट मंत्री भी विदेश में रोड शो करेंगे. 

अब तक 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले यूपी को 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं. अब तक लगभग 150 निवेशकों ने इसमें रूचि दिखाई है. यूपी सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए दो महत्वपूर्ण पोर्टल भी तैयार किए हैं. 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यूपी में औद्योगिक विकास की रफ्तार को तेज करेगा. इससे राज्य में अंतर्राष्ट्रीय निवेशक आएंगे. 

उन्होंने कहा, जब सपा सरकार सत्ता में थी, उस समय निवेशक राज्य से भाग खड़े हुए थे क्योंकि यहां माहौल बहुत खरा था. लेकिन अब पूरी दुनिया के निवेशक ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आ रहे हैं. राज्य में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का प्रयास किया जा रहा है.

विपक्ष ने साधा निशाना

हालांकि, विपक्ष ने इन इन्वेस्टर्स समिट पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार से पूछना चाहिए कि अतीत में इस तरह के कितने समिट सफल हुए.

सपा के प्रवक्ता अब्दुल हसन चंद ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि पिछले इन्वेस्ट समिट में यूपी में कितना निवेश आया. इस तरह के मौके युवाओं के लिए आय का माध्यम होने चाहए लेकिन जब राज्य में अपराध का बोलबाला हो तो ऐसे में मुश्किल है कि कोई निवेशक यहां आए. 

उन्होंने कहा कि कारोबारियों से उगाही की जा रही है. पुलिसकर्मी होटल में कारोबारी को मरा रहा है. ऐसे मे यूपी में कहां से निवेश आएगा. 

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