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समय से पहले तैयार, अनुमान से कम खर्च, आज यूपी को मिलेगी बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की सौगात

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के लिए आज का दिन काफी खास रहने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को हरी झंडी दिखाने वाले हैं. समय से पहले ही सीएम योगी का ये ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार हो गया है.

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कल यूपी को मिलेगी बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की सौगात कल यूपी को मिलेगी बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की सौगात
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 20 फरवरी 2020 को किया गया था शिलान्यास
  • मात्र 28 महीने में बनकर तैयार हुआ एक्सप्रेस वे

कभी ग़रीबी, भुखमरी, बेरोज़गारी और डकैतों के लिए जाना जाने वाला यूपी का बुंदेलखंड क्षेत्र अब विकास की नई रफ़्तार को छूने को तैयार हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जाएगा. रिकॉर्ड समय और अनुमानित लागत से कम ख़र्च में बने इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से न सिर्फ बुंदेलखंड के लोगों को देश की राजधानी पहुंचने में सहूलियत होगी बल्कि औद्योगिक विकास भी सुनिश्चित हो सकेगा.

रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार

जालौन के गांव कैथेरी में पीएम मोदी एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने आएंगे. ये एक्सप्रेसवे पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है. बड़ी बात ये है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का शिलान्यास पीएम मोदी ने 20 फरवरी 2020 को किया था. तब इसके निर्माण का लक्ष्य 36 महीने का था. कोरोना महामारी के बावजूद ये एक्सप्रेसवे मात्र 28 महीने में बनकर तैयार है. एक खासियत ये भी है कि इस एक्सप्रेसवे परियोजना में अनुमानित लागत से 12.72 फीसदी कम ख़र्च हुआ है. यानी कम समय और कम ख़र्च में ये एक्सप्रेसवे बनाया गया है. इससे यूपीडा को लगभग 1132 करोड़ रुपये का फ़ायदा भी हुआ है. 

चित्रकूट से शुरू होकर ये बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया के रास्ते इटावा तक जाएगा. इटावा में ये एक्सप्रेसवे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर जाकर मिल जाएगा. यानी चित्रकूट से अगर किसी को दिल्ली जाना हो तो वो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से इटावा तक जाकर वहां से दूसरा एक्सप्रेसवे लेकर दिल्ली जा सकता है. पहले चित्रकूट से दिल्ली जाने में क़रीब 12 घण्टे लगते थे लेकिन अब ये दूरी मात्र 6 घंटे में पूरी हो सकती है.

वाटर टेस्ट में पास हुआ एक्सप्रेस वे

वैसे ये एक्सप्रेस वे कितना सुरक्षित रहने वाला है और आपका सफर आरामदायक, ये पता करने के लिए भी आजतक ने एक खास टेस्ट किया. पानी से भरे ग्लास को गाड़ी के डैशबोर्ड पर रखा और फिर फुल रफ्तार से गाड़ी चलाई. करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलती रही. लेकिन एक बार भी पानी ग्लास से नहीं गिरा.

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की लम्बाई 296 किलोमीटर है. चार लेन चौड़े बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के अगल बगल अतिरिक्त ज़मीन रखी गई है ताकि भविष्य में अगर गाड़ियों की आवाजाही बढ़े तो इसको चौड़ा कर 6 लेन तक का बनाया जा सके. साथ ही स्थानीय लोगों की सहूलियत को देखते हुए एक्सप्रेसवे के बगल में सर्विस रोड भी बनाई जा रही है. 

एक्सप्रेस वे के जरिए आयुर्वेद को बढ़ावा

वैसे सरकार की एक्सप्रेसवे के जरिए आयुर्वेद को बढ़ावा देने की भी तैयारी है. एक्सप्रेसवे के बीच में बने डिवाइडर में आयुर्वेद के मेडिसिनल पौधे लगाए जाएंगे, जिसका रखरखाव self help group की महिलाएं करेंगी. इससे ना केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि आयुर्वेद को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा डिवाइडर पर ही हरे रंग के रिफ्लेक्टर लगे हैं जिससे दूसरी तरफ चल रहे वाहनों से आती हुई लाइट आंखो में ना पड़े. 

आज तक ने जालौन के रहने वालों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे आने से बुंदेलखंड मुख्य धारा से जुड़ जायेगा और सर्विस रोड की जरिए गांव वालों को भी दिक्कत नही होगी.

24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग और एम्बुलेंस सुविधा

क़रीब 300 किलोमीटर लम्बे इस एक्सप्रेसवे पर लोगों की सहूलियत के लिए 4 जन सुविधा केंद्र बनाए गए हैं. इसके अलावा 4 पेट्रोल पंप भी बनाये जाएंगे. एक्सप्रेसवे पर जानवर न आने पाएं, इसके लिए दोनों तरफ कंटीली तारों वाला बाड़ लगाया गया है. इसके बावजूद अगर जानवर कभी सड़क पर आ गए तो कैटल कैचर वेहिकल की व्यवस्था की गई है जो जनवरों को पकड़ने का काम करेंगी. इसके अलावा 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग और एम्बुलेंस सुविधा भी दी जाएगी. एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 7 लाख पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे.

यहां ये जानना भी जरूरी है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश और निकासी के लिए कुल 13 जगहों पर इंटरचेंज की सुविधा दी गई है. एक्सप्रेस-वे निर्माण के तहत 4 रेलवे ओवर ब्रिज, 14 छोटे पुल, 6 टोल प्लाजा, 7 रैंप प्लाजा, 19 फ्लाई ओवर औऱ 224 अंडरपास का निर्माण हुआ है. 

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