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हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में ताल ठोकेगी बसपा, मायावती का बड़ा प्लान

बसपा सुप्रीमो मायावती ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसके लिए उन्होंने इन राज्यों के बसपा पदाधिकारियों के साथ बड़ी बैठक की है.

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बसपा सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो) बसपा सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • योगी सरकार को आड़े हाथों लिया
  • हिमाचल, जम्मू-कश्मीर पर फोकस

राजनीति के मंच पर अपना किरदार ढूंढ रही बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनावों में ताल ठोकने की तैयारियां शुरू कर दी हैं. उन्होंने बाहरी राज्यों के बसपा पदाधिकारियों के साथ बैठक की है. इस दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया. बैठक के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार के काम काज को भी आड़े हाथों लिया.

जनाधार बढ़ाने पर बसपा का फोकस
बसपा कार्यालय ने एक बयान में बताया कि पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आज जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब राज्य के बसपा के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की. मायावती ने बैठक के दौरान आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ जनाधार को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर अन्य राज्यों के बसपा पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की. इस बैठक में खासकर के हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर फोकस रखा गया. उन्होंने कहा कि पार्टी को चुनावों के लिए अभी से कमर कसनी होगी. चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार रहना होगा ताकि पार्टी के कैडरों और समर्थकों के उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके.

पदाधिकरियों ने दिए गए ये सुझाव
बैठक में बसपा पदाधिकरियों और कार्यकर्ताओं को हिमाचल और जम्मू कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए आगाह किया गया और हिदायतें भी दी गईं. बैठक में उनसे कहा गया कि हिमाचल और जम्मू कश्मीर में जो विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां पार्टी ऐसे लोगों से दूरी बनाए जो स्वार्थी हों विश्वासघाती हों और खरीद-फरोख्त करने वाले बिकाऊ हों. ऐसे में पार्टी के मिशनरी आधार पर ही पार्टी के प्रत्याशियों को तय किया जाए. बसपा सुप्रीमो मायावती ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि पंजाब प्रदेश में आम आदमी पार्टी की नई सरकार दिल्ली सरकार के रिमोट कंट्रोल से चलती है. ऐसे में पार्टी के कार्यकर्ता अपना संघर्ष लगातार जारी रखें और चुनाव में हुई हार जीत पर ज्यादा ध्यान ना देते हुए काशीराम के मिशन पर फोकस करें. साथ ही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अधूरा सपना बीएसपी पूरा करेगी, इस संकल्प को याद करके बसपा के सभी कार्यकर्ता पार्टी के मिशनरी मिशन में जुट जाएं.

योगी सरकार को लिया आड़े हाथ
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रही मायावती ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि यूपी में अब बात-बात पर एनएसए जैसी गंभीर धाराओं में लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाता है. पीड़ित, परिजनों के साथ उत्पीड़न औऱ दमन किया जाता है. यूपी में अब यह सरकारी फैशन हो गया है ताकि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की विफलताओं के मामले में पर्दा डाला जा सके. बैठक में मायावती ने कहा कि गलत सरकारी नीतियों से पूरे प्रदेश में आतंक और भय का माहौल व्याप्त है जबकि सत्ताधारी पार्टी से जुड़ने वाले अपराधिक प्रवृत्ति के लोग बेखौफ घूम रहे हैं. ऐसे में क्राइम कंट्रोल और लॉ एंड ऑर्डर कैसे मजबूत किया जा सकता है?

बसपा की ओर से कहा गया है कि अंधाधुन गिरफ्तारियों के चलते लोगों को जमानत करवानी पड़ रही है जोकि चिंता का विषय है. खुद देश के चीफ जस्टिस ने इस बात से देश को आगाह किया है. यूपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से महंगाई, बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है. इसके चलते यूपी की जनता दुखी और त्रस्त हो चुकी है, ऐसे में यही अच्छा होगा की कार्यप्रणाली को सुधार लिया जाए ताकि जनता की चैन की सांस ले.

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