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राज्यसभा उपचुनाव: जयप्रकाश निषाद ने भरा पर्चा, BJP पर हमलावर हुए राजभर

समाजवादी पार्टी के नेता बेनीप्रसाद वर्मा के निधन के बाद खाली हुई राज्य सभा सीट पर बीजेपी ने जय प्रकाश निषाद को उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है. जिसके बाद जय प्रकाश निषाद ने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया.

जेपी निषाद ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए भरा पर्चा (फोटो-आजतक) जेपी निषाद ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए भरा पर्चा (फोटो-आजतक)

  • बीजेपी ने जय प्रकाश निषाद को बनाया उम्मीदवार
  • ओबीसी वोटरों को साधने की कोशिश

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उप चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार फाइनल कर दिया है. पार्टी ने इस सीट से जय प्रकाश निषाद को अपना उम्मीदवार बनाया है. जय प्रकाश निषाद को राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाकर बीजेपी ने सूबे की पिछड़ी और ओबीसी वोटरों को साधने की कोशिश की है. ये उपचुनाव आगामी 24 अगस्त को होना है.

समाजवादी पार्टी के नेता बेनीप्रसाद वर्मा के निधन के बाद खाली हुई राज्य सभा सीट पर बीजेपी ने जय प्रकाश निषाद को उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है. जिसके बाद जय प्रकाश निषाद ने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया.

हालांकि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि बीजेपी ने यह फैसला निषाद पार्टी के प्रभाव को खत्म करने के लिए किया है. उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक और सहयोगी दल को धोखा दिया है, जिससे सिद्ध होता है कि यह भारतीय झूठ पार्टी है.

आजतक से बातचीत करते हुए राजभर ने कहा, 'बीजेपी अपने सहयोगियों को धोखा देने वाली पार्टी है. बीजेपी ने साल 2017 में चुनाव से पहले राजभर और अन्य अति पिछड़ी जातियों का वोट पाने के लिए हमें साथ लिया. लेकिन सरकार बनने के बाद जब हमने अपने समाज की भागीदारी मांगी तो सरकार वादे से पलट गई. इसलिए हमने गठबंधन तोड़कर भागीदारी मोर्चा बनाया. अनुप्रिया पटेल को भी सरकार ने धोखा दिया है. उनका कुर्मी वोट बैंक लेकर उनकी पार्टी को भी किनारे लगा दिया.'

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राजभर के मुताबिक 2017 चुनाव से पहले यह कहा गया था कि केशव प्रसाद मौर्या मुख्यमंत्री बनेंगे. इसी शर्त पर पिछड़ों ने बीजेपी का समर्थन किया, लेकिन सीएम की कुर्सी किसी और को मिली. अगर बीजेपी को किसी निषाद को राज्यसभा भेजना था तो निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को उम्मीदवार बनाती. निषाद समाज और पार्टी को भी धोखा देने का काम किया गया है. बीजेपी निषाद पार्टी के प्रभाव को पूर्वांचल में खत्म करना चाहती है.

योगी सरकार में मंत्री रहे राजभर ने भागीदारी मोर्चा बनाया है और हाल ही में आप सांसद संजय सिंह से 2022 चुनाव में गठबंधन के लिए मुलाकात भी की है. समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में निषाद पार्टी के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री के गढ़ में बीजेपी को हराया था. इसके बाद 2019 लोक सभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी ने सपा का साथ छोड़कर बीजेपी के साथ गठबंधन किया था और गोरखपुर सीट पर रवि किशन ने आसानी से जीत दर्ज की. निषाद पार्टी को पूर्वी यूपी का बड़ा वोट बैंक माना जाता है.

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राजभर के बयान पर यूपी बीजेपी के प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि बीजेपी कड़ी मेहनत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं में से प्रत्याशी का चयन करती है. राजभर जैसे लोग केवल जाति की बात कर समाज को बांटने में लगे रहते हैं. उनकी किसी भी बात को समाज गंभीरता से नहीं लेता.

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