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ओवैसी के ट्वीट पर इकबाल अंसारी का जवाब- अब हिंदू-मुस्लिम का कोई विवाद नहीं

इकबाल अंसारी ने कहा, सवाल अयोध्या का है. लोग हमसे पूछते हैं क्या आपको न्योता मिला है. मैं कहता हूं- हां मिला है, जरूर जाऊंगा क्योंकि 9 महीने हो गए हैं और मुसलमानों की तरफ से एक भी दरख्वास्त नहीं पड़ी है. अब कोई हिंदू-मुस्लिम का विवाद नहीं है.

भूमि पूजन के न्योते के साथ इकबाल अंसारी भूमि पूजन के न्योते के साथ इकबाल अंसारी

  • भूमि पूजन कार्यक्रम में जाएंगे इकबाल अंसारी
  • प्रधानमंत्री मोदी को रामचरित मानस करेंगे भेंट

अयोध्या में बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी ने एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के ट्वीट पर कहा कि कोई कुछ कहे लेकिन 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला कर दिया उसे सारे मुसलमानों ने सम्मान किया और 9 नवंबर से मंदिर का काम शुरू हो गया है. इकबाल अंसारी ने कहा कि ओवैसी क्या कहते हैं, क्या नहीं, हम उसके बारे में कुछ कहना नहीं चाहते हैं. आपको बता दें कि ओवैसी ने बुधवार सुबह ट्वीट कर कहा था बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी.

ओवैसी के ट्वीट के जवाब में इकबाल ने अंसारी ने अपना जवाब दिया है. इकबाल अंसारी ने कहा, सवाल अयोध्या का है. लोग हमसे पूछते हैं क्या आपको न्योता मिला है. मैं कहता हूं- हां मिला है, जरूर जाऊंगा क्योंकि 9 महीने हो गए हैं और मुसलमानों की तरफ से एक भी दरख्वास्त नहीं पड़ी है. अब कोई हिंदू-मुस्लिम का विवाद नहीं है.

इससे पहले मंगलवार को बाबरी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्षकार हाजी महमूद ने इकबाल अंसारी पर आरोप लगाया था कि वे तो हर जगह पहुंच जाते हैं. इस सवाल के जवाब में इकबाल अंसारी ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट का मुकदमा चल रहा था तब मुझसे पहले बहुत से लोग बेंगलुरु में श्री श्री रविशंकर से मिलने चले गए थे. मौलाना सलमान नदवी, जफर फारूकी समेत ऐसे दसों मौलाना श्री श्री रविशंकर से मिलने पहुंच गए थे.

इकबाल अंसारी बुधवार को भूमिपूजन कार्यक्रम में 11 बजे अयोध्या जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रामचरित मानस और रामनामी गमछा भेंट करेंगे. रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पहला न्योते पाने वालों में इकबाल अंसारी शामिल हैं. अयोध्या में सबसे पहला निमंत्रण उन्हें ही मिला है. इकबाल अंसारी ने 'आजतक' से बातचीत में कहा, 'विवाद खत्म हो चुका है. 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पर बात नहीं हो सकती. हां, मंदिर और मस्जिद के सवाल पर हम हिंदू और मुसलमान की लड़ाई नहीं लड़ सकते. हिंदू-मुस्लिम एकता सबसे बढ़कर है. हम भले किसी मजहब को मानें लेकिन सम्मान हम सबका करते हैं.'

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