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राम विलास वेदांती से जब पूछा '5 एकड़ जमीन' का सवाल, तो दिया यह जवाब

पूर्व सांसद और श्री राम जन्मभूमि न्यास से जुड़े महंत राम विलास वेदांती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय 9 नवंबर को दिया है, उस निर्णय से हम सभी लोग सहमत हैं. हम चाहते हैं कि जो निर्णय है उसके मुताबिक 3 महीने के भीतर सरकार ट्रस्ट बनाकर मंदिर का निर्माण शुरू करवाए.

राम विलास वेदांती (फोटो: PTI) राम विलास वेदांती (फोटो: PTI)

  • राम विलास वेदांती बोले 2024 तक तैयार हो जाएगा राम मंदिर
  • वेदांती बोले- मुस्लिमों को अयोध्या में कहीं भी दी जा सकती है जमीन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार द्वारा बनाए जाने वाले 'अयोध्या ट्रस्ट' पर साधु-संतों के बीच विवाद शुरू हो गया था. इस विवाद के बीच आजतक ने रामनगरी के सभी प्रमुख साधु-संतों को एक मंच पर लाने की कोशिश की. इसके साथ ही यह जानने की कोशिश भी की कि मंदिर निर्माण को लेकर उनकी क्या इच्छा है.

चर्चा के दौरान पूर्व सांसद और श्री राम जन्मभूमि न्यास से जुड़े महंत राम विलास वेदांती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय 9 नवंबर को दिया है उस निर्णय से हम सभी लोग सहमत हैं. हम चाहते हैं कि जो निर्णय है उसके मुताबिक 3 महीने के भीतर सरकार ट्रस्ट बनाकर मंदिर का निर्माण शुरू करवाए.

जब वेदांती से मुस्लिमों को दी जाने वाली 5 एकड़ जमीन के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "अयोध्या जिले में उन्हें कहीं भी जगह दी जा सकती है. जो फैजाबाद जिला था अब अयोध्या हो गया है. मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं. फैजाबाद जिला रायबरेली का बॉर्डर छूता है, बाराबंकी का बॉर्डर छूता है, गोंडा का बॉर्डर छूता है, जौनपुर का बॉर्डर छूता है, सुल्तानपुर का बॉर्डर छूता है. कहीं भी अयोध्या जिले में जगह दी जा सकती है. यह बात सुप्रीम कोर्ट की है और मैं सुप्रीम कोर्ट की बात का समर्थन करता हूं."

फैसले पर अपनी बात रखते हुए कहा, "9 तारीख के निर्णये से बहुत प्रसन्नता हुई, मैं सबसे पहले उन जजों को धन्यवाद देना चाहूंगा. 15 अगस्त 1947 के बाद इस देश में कई प्रधानमंत्री आए और गए, कई राष्ट्रपति आए और गए लेकिन किसी ने यह कल्पना नहीं किया था कि कभी ऐसा भी होगा कि जब हम रामलला के मंदिर को अपने आंखों से बनते हुए देखेंगे."

उन्होंने आगे कहा, "पीएम मोदी की मानसिकता थी जिसकी वजह से यह फैसला हो पाया. 40 दिन तक लगातार सुनवाई, शनिवार को सुनवाई और 5 बजे तक सुनवाई, यह मुझे लगता है कि भारत में ऐसा पहली बार हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट पहले भी थी, 15 अगस्त 1947 से लेकर 2019 के 9 नवंबर तक भी सुप्रीम कोर्ट थी. इसके पहले भी कई प्रधानमंत्री आए. लेकिन किसी ने भी ऐसा विश्वास प्रगट नहीं किया कि जल्दी से जल्दी निर्णय आए."

मुस्लिमों की तारीफ करते हुए वेदांती ने कहा, "केवल एक ओवैसी को छोड़कर किसी ने नहीं कहा कि निर्णय गलत हुआ. हम देश के मुसलमानों को धन्यवाद देते हैं कि दुनिया के सामने मिसाल रखी".

मंदिर निर्माण पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "3 महीने के अंदर ट्रस्ट का निर्माण होगा और 3 महीने के बाद मंदिर निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी और मुझे लगता है कि 5 साल के अंदर इसी पंचवर्षीय योजना में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा और उसमें भगवान राम विराजमान हो जाएंगे". उन्होंने आगे कहा, "2024 का चुनाव मंदिर पर लड़ा जाएगा या नहीं इस पर मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकता लेकिन यह कह सकता हूं कि 2024 तक मंदिर का निर्माण हो जाएगा".

संतों के बीच विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए वेदांती ने कहा, "संतों में कोई बंटवारा नहीं है. कुछ लोग थे जो कुछ पार्टी की वजह से दखलंदाजी दे रहे थे. जब समझौते में मंदिर और मस्जिद दोनों की बात हो रही थी तो उस समय शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का मेरे पास फोन आया था, मैंने कहा था कि अयोध्या की जमीन पर केवल भगवान राम का भव्य मंदिर बनेगा". उन्होंने आगे कहा, "मंदिर निर्माण में किसी बाबा का नहीं चलेगा सरकार का चलेगा. सरकार जिस बाबा को चाहेगी मंदिर के ट्रस्ट में शामिल करेगी".

देश के माहौल की चर्चा करते हुए उन्होंने आगे कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब आगे किसी तरह का कोई विवाद नहीं होगा. इस देश का हिन्दू-मुसलमान दोनों आपस में मिलकर सांप्रदायिक सद्भावना के साथ, राष्ट्रीय सद्भावना के साथ भारत सरकार का समर्थन करते हुए उनके ट्रस्ट का समर्थन करते हुए मंदिर निर्माण का समर्थन करेगा".

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