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बाबरी विध्वंस की सुनवाई कर रहे CBI जज एसके यादव का कार्यकाल बढ़ा

बाबरी मस्जिद मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पूर्व सीएम उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्यगोपाल दास समेत कई पर मुकदमा चल रहा है.

CBI जज एसके यादव का कार्यकाल बढ़ा CBI जज एसके यादव का कार्यकाल बढ़ा

  • CBI जज एसके यादवा का कार्यकाल बढ़ा
  • अप्रैल 2020 तक सुनवाई करनी होगी पूरी
  • बीजेपी के कई नेताओं पर चल रहा मुकदमा

बाबरी विध्वंस मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जज एसके यादव का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है. इस बाबत उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया. दरअसल, पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल सीबीआई जज एसके यादव को अप्रैल 2020 तक मामले सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने को कहा है.

इस मामले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पूर्व सीएम उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्यगोपाल दास समेत कई पर मुकदमा चल रहा है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकाल बढ़ाने पर टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में ही अपने एक आदेश में कहा था कि इस मामले का ट्रायल नौ महीने में पूरा होना है और जब तक इस मामले का ट्रायल पूरा नहीं होता है तब तक जज रिटायर नहीं होंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा था कि बढ़े हुए कार्यकाल के दौरान वह किसी दूसरे केस को नहीं सुनेंगे.

बता दें कि 6 दिसंबर, 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ढांचे को ढहा दिया गया था. इसके आरोप में BJP के नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत 13 नेताओं के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई थी.

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