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गोरखपुर: एक दिन के लिए ब्रिटिश उच्चायुक्त बनीं आयशा, कहा- खुशकिस्मत हूं

आयशा ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि मैं मानवाधिकार और लैंगिक समानता के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहती हूं.

आयशा खान (Photo- ANI) आयशा खान (Photo- ANI)

  • गोरखपुर की आयशा खान एक दिन के लिए बनीं ब्रिटेन की उच्चायुक्त
  • कहा- मानवाधिकार और लैंगिक समानता के लिए करना चाहती हूं काम

यूपी के गोरखपुर की 22 वर्षीय आयशा खान 4 अक्टूबर को एक दिन के लिए भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त बनीं. इस पर आशया ने कहा, 'मैं खुशकिस्मत थी जो मुझे ये मौका मिला. मुझे अलग-अलग ग्रुप के लोगों से मिलने का मौका मिला.' आयशा ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि मैं मानवाधिकार और लैंगिक समानता के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहती हूं.

'हाई कमिश्नर फॉर अ डे' प्रतियोगिता जीतकर गोरखपुर की आयशा खान एक दिन के लिए भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर बनीं. मालूम हो कि 11 अक्टूबर को मनाए जाने वाले 'इंटरनेशनल डे ऑफ द गर्ल चाइल्ड' के तहत यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. इस प्रतियोगिता में 18 से 23 साल की लड़कियां हिस्सा ले सकती हैं. इस प्रतियोगिता को जीतकर 22 वर्षीय आयशा खान ने 4 अक्टूबर को ब्रिटेन के हाई कमिश्नर के रूप में काम किया.

प्रतियोगिता में आयशा रहीं अव्वल

गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता में लैंगिक समानता क्यों जरूरी है और इसके लिए वे किसको सबसे बड़ी प्रेरणा मानती हैं, इसे लेकर एक मिनट का विडियो बनाना होता है. इस प्रतियोगिता में 14 राज्यों की लड़कियों ने हिस्सा लिया. गोरखपुर की आयशा खान इस प्रतियोगिता में अव्वल रहीं.

अपने अनुभव के बारे में बताते हुए आयशा खान ने कहा, 'मैंने इस दिन को पूरी तरह से एन्जॉय किया. मुझे काफी मजा आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. इस दौरान मेरी यूके और भारत के कई लोगों से मुलाकात हुई.'

आयशा ने अपने विडियो मैसेज में कहा था कि मेरा मानना है कि लैंगिक समानता हासिल करने के लिए शिक्षा सबसे सशक्त जरिया है. साथ ही आयशा ने कहा कि वे इस प्रतियोगिता के पुराने विजेताओं को भी फॉली करती रही हैं. उस दिन के लिए डिप्टी हाई कमिश्नर रहे डोमिनिक ऐसक्विथ के बारे में आयशा ने कहा कि उनके साथ काम करना अच्छा रहा.

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