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तीन तलाक बिल: विपक्ष पर भड़के ओवैसी, पूछा- मुसलमानों के हितैषी बताएं कल कहां थे?

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी विपक्षी पार्टियों पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि वैसे तो ये दल मुसलमानों के हितैषी बनते हैं, लेकिन इन्हें जवाब देना चाहिए कि ये लोग कहां पर थे.

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फोटो: फेसबुक प्रोफाइल) AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फोटो: फेसबुक प्रोफाइल)

तीन तलाक बिल राज्यसभा से भी पास हो गया है, यानी इसके कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है. राज्यसभा में बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्ष की एकता में सेंध लगती नज़र आई जिसपर हर कोई सवाल खड़े कर रहा है. AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी विपक्षी पार्टियों पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि वैसे तो ये दल मुसलमानों के हितैषी बनते हैं, लेकिन इन्हें जवाब देना चाहिए कि ये लोग कल कहां थे.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बड़े-बड़े दल समाजवादी पार्टी-बसपा, मुसलमानों के हितैषी बनते हैं लेकिन वोटिंग के दौरान इनके सांसद ही गायब रहे. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इन सभी दलों को बताना चाहिए कि वोटिंग के वक्त इनके सांसद कहां गायब थे?

इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वाले सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले का विरोध करेंगे.

कांग्रेस की ओर से व्हिप जारी करने का समय ना मिल पाने पर ओवैसी ने कहा कि आखिर व्हिप जारी करने में आखिर कितना समय लगता है, फिर भी ये उनका अंदरूनी मामला है. उन्होंने कहा कि अगर गुलाम नबी आजाद ऐसी बात कहते हैं तो ये चौंकाने वाली बात है. आजकल तो फोन पर भी व्हिप जारी हो जाते हैं.

गौरतलब है कि राज्यसभा में जब मंगलवार को तीन तलाक बिल पर वोटिंग हो रही थी, तो कई दलों के सांसद सदन से गायब रहे. इसी का फायदा सरकार को मिला और आसानी से तीन तलाक बिल पास हो गया. तीन तलाक बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े थे.

मंगलवार को मतदान के दौरान करीब 25 से अधिक सांसद अनुपस्थित रहे थे. इनमें बसपा के चार, सपा के सात, NCP के 2, कांग्रेस के पांच सांसद शामिल थे. विपक्ष की इस एकता में सेंध की हर कोई आलोचना कर रहा है.

खुद विपक्ष का कहना है कि उन्हें सरकार की तरफ से बिल के बारे में सही समय पर जानकारी नहीं दी गई थी. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है कि हम अपने सांसदों को व्हिप ही जारी नहीं कर पाए, क्योंकि सरकार की ओर से अचानक बिल को सदन में पेश कर दिया गया.

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