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सुषमा को बेटी बांसुरी ने ऐसे किया याद, 'जीवन के भीषण संग्राम में भी संयमित थीं मां'

बांसुरी ने सुषमा की शख्सियत का खाका कुछ इन शब्दों में बुना, संसद की तेज-तर्रार तकरार के बाद सेंट्रल हॉल में बटर टोस्ट, काफी और गपशप के बीच वो अपने राजनीतिक विरोधियों को मोहकर मित्रों में तब्दील कर लेती थीं. बांसुरी ने कहा कि व्यक्तिगत रुप से वो बेहद सरल और सुलझी हुई शख्सियत थीं. 

शोक सभा के दौरान पीएम मोदी के साथ बांसुरी स्वराज (फोटो-एएनआई) शोक सभा के दौरान पीएम मोदी के साथ बांसुरी स्वराज (फोटो-एएनआई)

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की श्रद्धांजलि सभा में उनकी बेटी बांसुरी ने रुंधे गले से अपनी मां को याद किया. इस मौके पर बांसुरी ने कहा कि जो लोग दल और विचारधारा की भिन्नता को छोड़कर उनकी मां की शोक सभा में आए हैं उन्हें वो नमन करती हैं. बांसुरी ने कहा कि जीवन के भीषण से भीषण संग्राम में भी मेरी मां संयमित, अनुशासित और मर्यादित थीं. सुषमा स्वराज की श्रद्धांजलि सभा दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की गई थी. इसमें पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पक्ष और विपक्ष के कई नेता पहुंचे थे.

बांसुरी ने सुषमा स्वराज की संसद की पारी और उनके मिलनसार व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि संसद में होने वाले जोरदार टकराव के बाद भी उनकी मां राजनीतिक विरोधियों को मित्र बना लेती थीं.

बांसुरी ने सुषमा की शख्सियत का खाका कुछ इन शब्दों में बुना, "संसद की तेज-तर्रार तकरार के बाद सेंट्रल हॉल में बटर टोस्ट, काफी और गपशप के बीच अपने राजनीतिक विरोधियों को मोहकर मित्रों में तब्दील करने वाली मेरी मां थी." बांसुरी ने कहा कि व्यक्तिगत रुप से वो बेहद सरल और सुलझी हुई शख्सियत थीं. उन्होंने कहा कि उनके लिए वो प्रेम, सीख और समझदारी का भंडार थीं. बांसुरी ने कहा कि सुषमा स्वराज दुनिया में उनकी सबसे अच्छी दोस्त थीं.

सुषमा स्वराज की बेटी ने कहा कि उनकी 42 साल की राजनीतिक तपस्या में आप सभी का किसी न किसी रूप में योगदान है, इसके लिए आप सभी का धन्यवाद देना चाहूंगी. बांसुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप में उनकी मां को बेहद सम्मान दिया है, संकट की घड़ी में साथ दिया इसलिए वे उनकी ऋणी हैं. बांसुरी ने बीजेपी को भी धन्यवाद दिया.

बांसुरी ने कहा कि मंच पर मौजूद वक्ताओं ने सुषमा के लिए जो शब्द कहे इससे उनकी झोली भर गई. उन्होंने कहा कि वो और उनका परिवार इन्हीं शब्दों से इस दुख को पाटने की कोशिश करेगा. बांसुरी ने कहा, "कहते हैं दुख बांटने से घटता है और खुशी बांटने बढ़ती है, आप सभी आए और हमारा गम बांटा इसके लिए धन्यवाद." 

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