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क्र‍िसमस: कश्‍मीर में सफेद बर्फ की चादर, मनाली और श‍िमला में पर्यटक न‍िराश

कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में नवंबर के पहले हफ्ते से जारी बर्फबारी जहां एक तरफ ठंड से लोगों की जान निकाल रही है. देश-विदेश से कश्मीर आने वाले पर्यटकों के लिए यह बर्फ किसी वरदान से कम नहीं. वहीं, श‍िमला और मनाली में व्‍हाइट क्र‍िसमस मनाने आए पर्यटकों को न‍िराशा हाथ लगेगी.

कश्‍मीर में ब‍िछी बर्फ की चादर (Photo:aajtak) कश्‍मीर में ब‍िछी बर्फ की चादर (Photo:aajtak)

कश्मीर में गुलमर्ग को बर्फबारी के लिए जाना जाता है और हर साल देश विदेश से पर्यटक गुलमर्ग की वादियों में बर्फ जमा होने का इंतजार करते रहते हैं. इस साल गुलमर्ग की वादियां बर्फ की सफेद चादर से पहले ही लिपट चुकी है. खिलाड़ियों के साथ साथ पर्यटक भी गुलमर्ग का रुख कर रहे हैं खासतौर से बर्फीली वादियों में क्रिसमस मनाने को लोग गुलमर्ग पहुंच रहे हैं.

वहीं, अबकी बार बड़े दिन यानी क्रिसमस के मौके पर पहाड़ों पर घूमने निकले पर्यटकों को व्‍हाइट क्र‍िसमस का तोहफा नहीं मिलेगा. मौसम विभाग के मुताबिक अगले हफ्ते तक पहाड़ों में बर्फ गिरने की कोई संभावना नहीं है. हालांकि मैदानी इलाकों में ठंड का कहर जारी रहेगा.

चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के मुताबिक आने वाले चार-पांच दिनों में पंजाब और हरियाणा में विजिबिलिटी और ज्यादा कमजोर होगी. मौसम विभाग ने  वाहन चालकों को सलाह दी है कि कमजोर विजिबिलिटी के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही है,  इसलिए वाहन संभलकर चलाएं.

मौसम विभाग की भविष्यवाणी से शिमला और मनाली घूमने आए पर्यटकों  के हाथ निराशा लगी है. कुछ दिन पहले पहाड़ों पर गिरी बर्फबारी से उम्मीद की जा रही थी कि अबकी बार कुदरत पर्यटकों को व्हाइट क्रिसमस का तोहफा देगी लेकिन मौसम के अनुमानों ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

इससे पहले दिसंबर 2016 में पर्यटकों को शिमला में व्‍हाइट क्र‍िसमस देखने को मिला था. यह तोहफा 25 साल बाद मिला था क्योंकि इससे पहले वर्ष 1991 में बड़े दिन के दिन शिमला में बर्फ गिरी थी.

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