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जब एक केस में सुनवाई के दौरान CJI बोले- 'जन्माष्टमी पर जेल चाहिए या बेल'

सुप्रीम कोर्ट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का असर देखने को मिला. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एसए बोबड़े ने दो अलग-अलग मामलों में भगवान श्रीकृष्ण और महाभारत का जिक्र किया.

सीजेआई एसए बोबड़े (फाइल फोटो-PTI) सीजेआई एसए बोबड़े (फाइल फोटो-PTI)

पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का असर देखने को मिला. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एसए बोबड़े ने दो अलग-अलग मामलों में भगवान श्रीकृष्ण और महाभारत का जिक्र किया.

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा, 'आज भगवान कृष्ण का जन्म ठीक जेल में हुआ था? आप जमानत चाहते हैं या जेल में रहना चाहते हैं? आप जेल से निकलना चाहते हैं, जबकि भगवान कृष्ण का जन्म जेल में हुआ था.'

इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हां, हम जमानत चाहते हैं. इस पर सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा कि अच्छा .. धर्म कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे आप अतिवाद में संलग्न करते हैं. गौरतलब है कि कांग्रेस आई के कार्यकर्ता धर्मेंद्र वालवी और अन्य पांच कार्यकर्ताओं की जमानत अर्जी पर सुनवाई चल रही थी.

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कांग्रेस आई कार्यकर्ता धर्मेंद्र वालवी और अन्य पांच कार्यकर्ताओं पर 1994 में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या का आरोप है. निचली अदालत ने इन कार्यकर्ताओं को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इस सजा को बॉम्बे हाई कोर्ट ने सितंबर, 2017 में बरकरार रखा था.

इसके बाद कांग्रेस आई कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में सजा के खिलाफ याचिका दायर की थी. 2018 के बाद से ही अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. आज सुप्रीम कोर्ट में बहस के बाद धर्मेंद्र वालवी को जमानत दे दी गई.

एक अन्य मामले में सीजेआई एसए बोबड़े ने महाभारत का संदर्भ दिया. नागरिकता कानून के विरोध के कारण डॉक्टर कफील खान की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई में तेजी लाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश देने के लिए याचिका दायर की गई है.

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इस याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने सवाल किया कि क्या वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में डॉक्टर कफील खान की उपस्थिति "व्यक्तिगत" के रूप में गिना जाएगा? इस पर सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा कि हमने महाभारत काल से ही आभासी सुनवाई की है.

सीजेआई एसए बोबड़े ने टिप्पणी की कि "महाभारत में, सब संजय उवाच था'... कोई समस्या नहीं अगर उपस्थिति भौतिक रूप नहीं है.

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