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हिंदुस्तान को मिली राफेल की ताकत: अफगानिस्तान-लीबिया के वॉर जोन में दिखा चुका है जलवा

उप वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल वीआर चौधरी ने लगभग एक घंटे तक विमान में उड़ान भरी. फ्रांस के इस आधुनिक लड़ाकू विमान का इंतजार देश को काफी लंबे समय से था, इसपर काफी विवाद भी हुए लेकिन ये भी सच है कि देश की वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए राफेल काफी जरूरी था.

राफेल लड़ाकू विमान (फोटो: www.dassault-aviation.com) राफेल लड़ाकू विमान (फोटो: www.dassault-aviation.com)

  • फ्रांस ने भारत को सौंपा राफेल
  • 8 अक्टूबर को भारत पहुंचने की उम्मीद
  • भारत को मिलेंगे कुल 36 राफेल विमान

हिंदुस्तान को आखिरकार उसका पहला राफेल लड़ाकू विमान मिल गया है. शुक्रवार को भारतीय वायुसेना को पहला राफेल फाइटर जेट फ्रांस ने सौंपा. उप वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल वीआर चौधरी ने लगभग एक घंटे तक विमान में उड़ान भरी. फ्रांस के इस आधुनिक लड़ाकू विमान का इंतजार देश को काफी लंबे समय से था, इसपर काफी विवाद भी हुए लेकिन ये भी सच है कि देश की वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए राफेल काफी जरूरी था.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 अक्टूबर को फ्रांस में होंगे और आधिकारिक तौर पर भारत के लिए इन विमानों को रिसीव करेंगे. 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस भी है, ऐसे में राफेल का मिलना भारत के लिए ऐतिहासिक तारीख साबित हो सकता है.

आपको बता दें कि अक्टूबर 2022 तक भारत को 36 विमान मिल जाएंगे. 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए डील पर 2016 में हस्ताक्षर हुए थे. वायुसेना की योजना है कि राफेल के एक-एक स्क्वाड्रन (18 विमान) को अंबाला और हासिमरा में तैनात किया जाए, जिससे कि पाकिस्तान और चीन के मद्देनजर हवाई सुरक्षा मजबूत की जा सके. (राफेल विमान की स्पेसिफिकेशन्स, Photo: www.dassault-aviation.com)

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राफेल विमान दुनिया के सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में से एक है. राफेल 150 KM. रेंज वाले अत्याधुनिक मीटियोर एयर टू एयर मिसाइल से लैस हैं. राफेल हाईटेक फाइटर जेट है, जिसकी तुलना अमेरिका के F-35 फिफ्थ जनरेशन विमानों के साथ की जा सकती है. इसके सामने पाकिस्तान के F-16 विमानों की तकनीक पुराने जमाने की बात है.

राफेल विमान क्यों है इतना खास?

-    परमाणु हथियार ढोने समेत तमाम तरह के मिशन को अंजाम देने में सक्षम है.

-    एक मिनट में विमान के दोनों तरफ से 30 MM की तोप से 2500 राउंड गोले दागे जा सकते हैं.

-    विमान की मारक क्षमता 3700 KM. है जबकि यह 1900 KM. प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है.

-    300 KM. की रेंज से हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है. साथ ही 9.3 टन वजन के साथ 1650 KM. तक उड़ान भरने में सक्षम है.

-    14 हार्ड प्वाइंट के जरिए भारी हथियार भी गिराने की क्षमता है.

-    राफेल विमान 24 हजार 500 किलो वजन उठाने में सक्षम है.

-    अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया और माली में ये विमान सफलतापूर्वक आजमाए जा चुके हैं.

-    फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट ने भारतीय वायुसेना के हिसाब से इस विमान में कई तरह के बदलाव किए हैं और स्पेशली भारत के हिसाब से इसे तैयार किया गया है.

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