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2004 से 5505 सीजफायर उल्लंघन, 4000 से ज्यादा PM मोदी के कार्यकाल में

देश के मिजाज से इतर आंकड़ों पर नजर डाले तो कुछ बेहद तल्ख सच्चाई सामने नजर आती है. 2004 के बाद अब तक पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के 5505 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 4 हजार से ज्यादा में पीएम नरेंद्र मोदी के शासन काल में आए हैं. यानी की 2014 के बाद जम्मू-कश्मीर में सीजफायर के मामले तेजी से बढ़े हैं.

पुलवामा मैें आतंकी हमले के बाद गश्त करते जवान पुलवामा मैें आतंकी हमले के बाद गश्त करते जवान

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में 40 जवानों की शहादत के बाद गुस्साए लोगों के आंखों में लहू उतर आया है. देश की जनता सरकार से लंबे-चौड़े वादों की फेहरिश्त नहीं चाहती है बड़े एक्शन का सॉलिड वार चाहती है. पीएम मोदी ने ये कहकर देश के मूड को अभिव्यक्ति दी है कि आतंक के सरपरस्तों ने बहुत बड़ी गलती की है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.

देश के मिजाज से इतर आंकड़ों पर नजर डाले तो कुछ बेहद तल्ख सच्चाई सामने नजर आती है. 2004 के बाद अब तक पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के 5505 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 4 हजार से ज्यादा में पीएम नरेंद्र मोदी के शासन काल में आए हैं. यानी की 2014 के बाद जम्मू-कश्मीर में सीजफायर के मामले तेजी से बढ़े हैं.

लोकसभा और राज्यसभा में सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक 2005 में सीजफायर उल्लंघन का एक मामला आया. 2006 में ऐसे 3 केस दर्ज किए गए. 2007 में पाकिस्तान की ओर से शांति विराम के 23 मामले दर्द किए गए. 2008 में इसमें लगभग तीन गुणी बढ़ोतरी हुई और ये संख्या 86 हो गई. 2008 में ही मुंबई में आतंकी हमला भी हुआ था. 2009 में सीजफायर उल्लंघन की 35 घटनाएं हुईं.

2010 में 70 और 2011 में 62 ऐसे मामले आए. 2012 में सीजफायर उल्लंघन का मामला तिहाई अंकों में पहुंच गया और सीजफायर उल्लंघन के 114 मामले दर्ज किए गए. इसके बाद इसमें लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई. 2013 में 347 मामले दर्ज किए गए.

2014 में केन्द्र में बीजेपी की सरकार बनते ही जम्मू- कश्मीर में सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं बढ़ गई. 2014 में शांति विराम उल्लंघन के 583 मामले आए. 2015 में इसमें मामूली कमी आई और ये आंकड़ा 405 रहा. 2016 में इसमें हल्की बढ़ोतरी हुई और डाटा 449 तक पहुंच गया. 2016 में ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकी बुरहान वानी को मार गिराया था. इसके बाद बॉर्डर पर पाकिस्तान की ओर से होने वाली फायरिंग लगभग दोगुनी हो गई. 2017 में सीजफायर उल्लंघन के 971 मामले दर्ज किए. 2018 में सीजफायर उल्लंघन के 2140 मामले दर्ज किए गए. 2019 में 30 जनवरी तक सीजफायर उल्लंघन के 216 मामले दर्ज किए गए.

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