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अफजल गुरु को फांसी, तिहाड़ में ही दफन

संसद पर हमला करने के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर लटका दिया गया. उसे दिल्‍ली स्थित तिहाड़ में फांसी दी गई.

संसद पर हमला करने के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर लटका दिया गया. उसे दिल्‍ली स्थित तिहाड़ में शनिवार सुबह फांसी दी गई.

गृहमंत्री ने दी फांसी पर विस्‍तृत जानकारी
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंद ने मीडिया को बताया कि अफजल को शनिवार सुबह 8 बजे फांसी पर लटकाया गया. उन्‍होंने कहा कि 2011 में ही गृह मंत्रालय ने फांसी की सिफारिश की थी. 3 फरवरी को राष्‍ट्रपति ने दया याचिका खारिज की. 4 फरवरी को गृहमंत्री ने फांसी की मंजूरी देते हुए फाइल पर दस्‍तखत किए. फांसी देने के लिए अफजल को तिहाड़ ले जाया गया. उसे तिहाड़ के जेल नंबर 3 में फांसी दी गई.

देश के कई नगरों में हाई अलर्ट
बहरहाल, दिल्‍ली समेत देश के कई बड़े नगरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. अफजल की फांसी के बाद एहतियात के तौर पर श्रीनगर में कर्फ्यू लगा दिया गया है. प्रशासन इस बात के लिए पूरी तरह तैयार है कि कहीं भी शांति भंग न हो और कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति न बिगड़े. इससे पहले, केंद्रीय गृह सचिव आर. के. सिंह ने अफजल को फांसी पर लटकाए जाने की पुष्टि की.

तिहाड़ में दफनाया गया अफजल का शव
अफजल गुरु का शव तिहाड़ में ही दफना दिया गया. हालांकि अफजल के परिवार ने उसके शव को सौंपे जाने की मांग की थी. सरकार ने इस बात की पुष्टि की कि अफजल के परिवार को फांसी की बारे में जानकारी दे दी गई थी.

बक्‍सर में बनी रस्‍सी से दी फांसी
दिल्ली के तिहाड़ जेल में जिस रस्सी से अफजल को फांसी दी गई, वह बक्सर जेल से लाई गई थी. इस रस्सी को 2007 में तैयार किया गया था और आखिरी बार इससे बेअंत सिंह को फांसी दी गई थी. अफजल गुरु को तिहाड के जेल नंबर 3 की बगल मे बनी हाई रिस्क वार्ड के पास दफनाया गया. इसको फांसी की सजा पा चुके मकबूल भट्ट की बगल में दफनाया गया.

प्रणब के राष्‍ट्रपति रहते 2 बड़े फैसले
गौरतलब है कि पिछले साल ही मुंबई हमले के दो‍षी अजमल आमिर कसाब को भी फांसी की सजा दी जा चुकी है. फांसी पर लटकाए जाने के दोनों मामले प्रणब मुखर्जी के राष्‍ट्रपति पद पर रहते हुए आए.

लंबे अरसे से हो रही थी फांसी की मांग
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने का फैसला शुक्रवार को गृह मंत्रालय की बैठक में लिया गया. संसद पर हमले के दोषियों को फांसी पर लटकाने की मांग लंबे अरसे से होती रही है. 13 दिसम्बर, 2001 को भारतीय संसद पर आतंकवादियों ने हमला बोल दिया था. संसद पर हुए हमले में अफजल ने साजिशकर्ता के तौर पर मुख्य भूमिका निभाई थी.

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