scorecardresearch
 

लाल किले की प्राचीर से इस बार पीएम मोदी के किन-किन मुद्दों पर बोलने की संभावना?

पीएम मोदी का ये सातवां स्वतंत्रता दिवस भाषण होगा, कोरोना सुरक्षा प्रोटोकॉल्स की वजह से अलग दिखेगा इस बार समारोह.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो-ANI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो-ANI)

  • कोरोना प्रोटोकॉल की वजह से इस बार अलग होगा स्वतंत्रता दिवस समारोह
  • लाल किले पर स्कूली बच्चे इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं दिखेंगे
  • प्रधानमंत्री मोदी इस बार टैक्स सिस्टम में सुधारों पर भी बोल सकते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से क्या बोलेंगे? ये जानने में हर किसी की दिलचस्पी है. देश ही नहीं विदेश में भी लोगों की नजरें प्रधानमंत्री के भाषण पर होंगी. कोरोना महामारी की वजह से प्रोटोकॉल्स के चलते इस बार स्वतंत्रता दिवस पहले के वर्षों से कुछ अलग दिखेगा. मेहमानों की संख्या सीमित रखने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन होगा. हालांकि सूत्रों के मुताबिक समारोह के समय में कोई कटौती नहीं होगी. इसके मायने हैं कि प्रधानमंत्री के भाषण की अवधि कमोवेश उतनी ही रहेगी जितना कि वो हर साल स्वतंत्रता दिवस पर बोलते हैं.

प्रधानमंत्री का ये सातवां स्वतंत्रता दिवस भाषण होगा. उनसे अधिक बार भाषण देने वाले प्रधानमंत्रियों में जवाहर लाल नेहरू (17 बार), इंदिरा गांधी (16) और डॉ. मनमोहन सिंह (10) हैं.

तो आइए पहले उन मुद्दों की बात करते हैं, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार लाल किले की प्राचीर से क्या बोल सकते हैं. हालांकि पीएम मोदी के बारे में कहा जाता है कि वह सबको चौंकाते हैं. जैसा लोग सोच रहे होते हैं, मोदी उससे कुछ अलग करते हैं. लेकिन फिर भी जिन बातों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में जिक्र होने की संभावना है, उन पर एक नजर डालते हैं.

pm-modi_081420110813.jpg

आत्मनिर्भर भारत

कोरोना महामारी से भारत समेत दुनिया के अधिकतर देशों को दंश झेलना पड़ा. देश में हजारों की संख्या में इस बीमारी की वजह से लोगों की जानें गईं. साथ ही आर्थिक मोर्चे पर देश को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. लॉकडाउन के बीच ही प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत पर खास जोर दिया. इसी कड़ी को वे स्वतंत्रता दिवस भाषण में भी आगे बढ़ा सकते हैं. इस दिशा में क्या क्या किया जा रहा है और आगे क्या क्या किया जा सकता है.

लोकल के लिए वोकल

जैसा कि पीएम मोदी पहले भी कह चुके हैं कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्थानीय स्तर पर बनी वस्तुओं को प्रमोट करने की आवश्यकता है, तो ‘लोकल के लिए वोकल’ की गूंज उनके 15 अगस्त के भाषण में भी सुनाई दे सकती है. पीएम मोदी बता सकते हैं कि कैसे जो सामान बाहर से मंगाया जाता था, वो अब भारत में ही बनने लगा है. पीएम देशवासियों से लोकल के लिए मुखर होने का आह्वान कर सकते हैं. प्रधानमंत्री भाषण में कह सकते हैं कि हमें लोकल प्रोडक्ट्स को अपना कर उसका प्रचार प्रसार करना चाहिए.

pm-modi-red-fort_081420110952.jpg

टैक्स सुधार

प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को टैक्स सिस्टम में सुधारों पर भी बोल सकते हैं. टैक्स सिस्टम में सुधार और उसे सफल बनाने के लिए लांच किए गए प्लेटफार्म के बारे में प्रधानमंत्री देशवासियों को बता सकते हैं. किस तरह सरकार ने पारदर्शी कर व्यवस्था के जरिए ईमानदार टैक्स पेयर्स के लिए सम्मान प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है. प्रधानमंत्री लोगों को बताएंगे कि इस नए सिस्टम से टैक्स पेयर्स भय मुक्त महसूस करेंगे. प्रधानमंत्री का कहना रहा है कि देश में अभी तक जो लोग टैक्स भर रहे हैं, उनकी संख्या काफी कम है.

एक देश, एक हेल्थ कार्ड

कोरोना काल में सरकार ने ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ व्यवस्था शुरू की ताकि पूरे देश में एक ही राशन कार्ड चले और जरूरतमंद उस राशन कार्ड पर कहीं से भी अनाज ले सके. वैसे ही सरकार ‘एक देश, एक हेल्थ कार्ड’ लाने पर भी सोच रही है. इसको लेकर भी प्रधानमंत्री लाल किले से घोषणा कर सकते हैं. इस हेल्थ कार्ड में मरीज की पूरी जानकारी होगी. मरीज ने क्या-क्या टेस्ट करवाए, कहां-कहां किस से इलाज करवाया, यह तमाम जानकारियां उस कार्ड में उपलब्ध रहेंगी.

कोरोना वॉरियर्स

कोरोना के इस संकट में जिस ढंग से हमारे कोरोना वॉरियर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरे लोगों की जान बचाई, इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर तमाम हेल्थ वर्कर्स, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों, फील्ड वर्कर्स और सफाईकर्मियों की तारीफ करते रहे हैं. इस बार कोरोना वॉरियर्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेने की संभावना है. ऐसे में 15 अगस्त के मौके पर भी प्रधानमंत्री कोरोना वारियर्स के बारे में बोल सकते हैं.

jai-bharat_081420111539.jpg

प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर भी रह सकता है कि भारत ने एकजुट होकर किस ढंग से कोरोना महामारी से मुकाबला किया है. ठीक समय पर उचित फैसले लेकर ज्यादा नुकसान होने से बचाया है. कोरोना से निपटने के लिए भारत की तैयारियों और वैक्सीन को लेकर भारत की प्रगति के बारे में भी पीएम बोल सकते हैं.

चीन और पाकिस्तान पर भी क्या बोलेंगे पीएम?

चीन के साथ लद्दाख में हालिया टकराव को देखते हुए लोगों की दिलचस्पी इस बात में है कि पीएम मोदी चीन को लेकर क्या अपने भाषण में कुछ बोलेंगे. इसके अलावा पाकिस्तान के कश्मीर को लेकर रवैये पर भी क्या पीएम मोदी बोलेंगे, लोगों की यह जानने की भी जिज्ञासा है. पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की हर मुमकिन कोशिश करता रहा है, लेकिन हर जगह उसे नाकामी का मुंह देखना पड़ा है.

पिछले साल पीएम मोदी का किन बातों पर रहा था जोर

2019 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में पीएम मोदी का जोर जल संकट, जनसंख्या विस्फोट, न्यू इंडिया के मिशन पर रहा था. उन्होंने उस भाषण में एक बड़ी घोषणा तीनों सेना के बीच तालमेल बैठाने लिए 'चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ' के पद का सृजन किए जाने को लेकर की थी. पीएम मोदी ने तब ये भी कहा था कि भारत आंतकवाद को एक्सपोर्ट करने वालों को बेनकाब करेगा.

2019 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे ज्यादा बार 'नागरिक' शब्द का 47 बार इस्तेमाल किया था. इसके बाद 'स्वतंत्रता' (30) और 'पानी' (24) शब्दों का उन्होंने जिक्र किया. वर्षों से देश में जितने भी प्रधानमंत्री हुए, स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषणों में अपनी उपलब्धियों और भविष्य के दृष्टिकोण को विस्तार से बताते रहे हैं. कैसे समय के साथ प्रधानमंत्रियों के भाषणों का फोकस बदला, इंडिया टुडे डेटा इंटेलीजेंस यूनिट (DIU) ने पिछले साल इसका तुलनात्मक अध्ययन किया था, जो यहां पढ़ा जा सकता है.

modi-speech-world-cloud-2019_081420125606.webp

15 अगस्त का पूरा कार्यक्रम कोरोना की गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए ही बनाया गया है.

2 गज की दूरी और मास्क जैसे नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा. जगह जगह सैनिटाइजर्स रखे जाएंगे. हर साल स्वतंत्रता दिवस की रौनक बढ़ाने वाले स्कूली बच्चे इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं दिखेंगे. हां, एनसीसी के कैडेट्स की समारोह में मौजूद होने की संभावना है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें