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बंदिशों से बेअसर कश्मीर का हवाला कारोबार, पुरानी दिल्ली से अवैध कैश कनेक्शन का पर्दाफाश

इंडिया टुडे की अंडर कवर जांच ‘ऑपरेशन कश्मीरी आल्मंड्स’ से पता चला कि किस तरह ये अवैध सप्लाई चेन ना सिर्फ़ देश की वित्त व्यवस्था बल्कि बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचा रही है.

इंडिया टुडे की इन्वेस्टिगेशन टीम का खुलासा इंडिया टुडे की इन्वेस्टिगेशन टीम का खुलासा

  • बंदिशों के बावजूद अवैध रकम कश्मीर भेजने को तैयार हवाला नेटवर्क
  • संकरी गलियों में कुछ कारोबारियों की हवाला डीलर के तौर पर दोहरी भूमिका

बैरीकेडिंग, कंटीले तार की बाड़, सख्त कर्फ्यू... इतना सब कुछ होने के बाद भी अवैध नकदी की जम्मू-कश्मीर में सप्लाई पर रोक नहीं लग सकी है. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) की जांच से ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने के बाद घाटी में बंदिशों का दूसरा महीना पूरा होने को आ रहा है. ऐसे में जांच से सामने आया है कि पुरानी दिल्ली में कई कारोबारी हवाला डीलर की दोहरी भूमिका निभाते हुए अवैध रकम श्रीनगर भेजने को तैयार हैं.

इंडिया टुडे की अंडर कवर जांच ‘ऑपरेशन कश्मीरी आल्मंड्स’ से पता चला कि किस तरह ये अवैध सप्लाई चेन ना सिर्फ़ देश की वित्त व्यवस्था बल्कि बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचा रही है.

2017 में इंडिया टुडे की जांच ने जम्मू और कश्मीर में भारत विरोधी तत्वों के ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया था, जिसे गड़बड़ी फैलाने के लिए बाहर से फंडिंग होती थी. इस खुलासे के बाद एक दर्जन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.

तब  हुर्रियत नेता नईम खान ने कबूल किया था कि घाटी में गड़बड़ी फैलाने के लिए पैसा पुरानी दिल्ली के कुख्यात हवाला चैनलों से आता है. नईम खान अब जेल में है. 2019 की बात करें तो इंडिया टुडे की एसआईटी जांच ने पाया कि जम्मू और कश्मीर में बैठे अपने ग्राहकों के लिए उसी पुरानी दिल्ली से हवाला नेटवर्क बदस्तूर अपना धंधा चला रहा है. वो भी घाटी में तमाम बंदिशों के बावजूद.

नकदी की डिलिवरी को तैयार हो गया मेवा कारोबारी

अंडर कवर रिपोर्टर ने घाटी में अंडरग्राउंड भुगतान के नाम पर चांदनी चौक के राजकुमार एंड ब्रदर्स पर सूखे मेवा के व्यापारी दानिश से संपर्क साधा. दानिश श्रीनगर में नकदी की डिलिवरी के लिए तुरंत तैयार दिखा. ज्यादा हैरान करने वाली बात ये थी कि दानिश को अच्छी तरह पता था कि इस तरह पैसे का लेनदेन अवैध है.

दानिश ने अंडर कवर रिपोर्टर से कहा, “भारी लेनदेन में जोखिम होता है. आप से दो दिन में पूछताछ हो सकती है. एनआईए ने इस मार्केट में कई लोगों से पूछताछ की है जो नकद लेनदेन करते हैं. वो दस तरह के सवाल पूछते हैं.”

गारंटीशुदा डिलिवरी का दिलाया भरोसा

दानिश ने बिना कोई कागजी निशान कितनी भी रकम की गारंटीशुदा डिलिवरी का भरोसा दिलाया. दानिश ने कहा, “वहां भुगतान हो जाएगा. इसमें एक या दो दिन लगेंगे. ये उम्मीद न करें कि कल सुबह ही ये हो जाएगा.”

अंडर कवर रिपोर्टर- “क्या हर हफ्ते 10-15 लाख रुपये वहां भेजे जा सकते हैं?”

दानिश- “हां, हां, 20 लाख तक भी. कितनी भी रकम भेजी जा सकती है.”

उसने श्रीनगर के राजबाग क्षेत्र में भुगतान का वादा किया. दानिश ने खुलासा किया कि उसका कैश कूरियर श्रीनगर में पैसे का भुगतान कर देगा. इसके लिए भुगतान लेने वाले को कोड नंबर बताना होगा.  

दानिश ने कहा, “भुगतान लेने वाले को नकदी लेने के लिए कोड के तौर पर बैंकनोट नंबर दिया जाएगा.”

कमीशन पर एक और व्यापारी ने की कैश डिलिवरी की पेशकश

पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों में अफगान स्टोर के काउंटर पर बैठे सूखे मेवे के एक और कारोबारी सौरभ ने भी अपना कमीशन मिलने के बाद श्रीनगर में रकम ट्रांसफर करने की पेशकश की.  

रिपोर्टर- “क्या 5 लाख रुपये तत्काल श्रीनगर भेजे जा सकते हैं?”

सौरभ- “हां, इसके लिए एक लाख रुपये पर आपको 1,300 रुपये देने होंगे.”

सौरभ ने कितनी भी रकम क्यों ना हो, एक दिन में डिलिवर करने का वादा किया.  

रिपोर्टर- “कितनी भी रकम भेजी जा सकती है? 5 लाख से ज्यादा, 10-20 लाख रुपये तक भी?”

सौरभ- “कितनी भी क्यों न हो? इसके लिए 1300 रुपये प्रति लाख लगेंगे.”

चांदनी चौक के व्यवसायी ने किया रुपये डिलिवर करने का वादा

चांदनी चौक में ही एमएम सिद्दीकी का फुटवियर स्टोर है. लेकिन इंडिया टुडे एसआईटी की जांच से सामने आया कि सिद्दीकी का जुड़ाव भी पुरानी दिल्ली के हवाला रिंग से है .

सिद्दीकी ने श्रीनगर के बटमालू क्षेत्र में दस लाख रुपये डिलिवर करने का वादा किया.

सिद्दीकी- “इसका इंतजाम हो जाएगा. कोई फिक्र नहीं. ये हो जाएगा, इंशाअल्लाह.”

सिद्दीकी का खुद भी श्रीनगर जाने का इरादा था. सिद्दीकी ने बताया कि किस तरह उसके जैसे एजेंट लेनदेन के लिए कोड भाषा का इस्तेमाल करते हैं.  

सिद्दीकी ने कहा, “भुगतान लेने वाले को बटमालू आना होगा. लेकिन रकम की नहीं करना (फोन पर). वो बस अपना नाम बताए और कुछ अलग बोले जैसे कि वो दो या पांच जूते के जोड़े चाहते हैं. और मैं कहूंगा कि मैं कितने डिलिवर कर सकता हूं- दो, तीन या एक. हम इस तरह बात करते हैं.”

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