scorecardresearch
 

NewsWrap: पढ़ें सोमवार शाम की 5 बड़ी खबरें

जम्मू कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 को कमजोर करने का संकल्प सोमवार को राज्यसभा में पारित हो गया. राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने इसे भारतीय लोकतंत्र का काला दिन बताया.

केंद्रीय गृह मंत्रई अमित शाह (फोटोः Aaj Tak) केंद्रीय गृह मंत्रई अमित शाह (फोटोः Aaj Tak)

जम्मू कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 को कमजोर करने का संकल्प सोमवार को राज्यसभा से पारित हो गया. राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने इसे भारतीय लोकतंत्र का काला दिन बताया. वहीं पाकिस्तान ने 7 अगस्त को संसद का संयुक्त सत्र बुलाया है. इसके अलावा कांग्रेस के सांसद ने व्हिप जारी करने की बजाय पार्टी से ही इस्तीफा दे दिया.  

1. अमित शाह बोले- पटेल नहीं नेहरू ने की थी कश्मीर की डील, तभी 370 लागू

अनुच्छेद 370 को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में सोमवार को जवाब दिया. उन्होंने एक तरफ अलगाववादियों पर जमकर हमला बोला तो वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल का भी जिक्र किया. अमित शाह ने कहा, नेहरू ने कहा था कि अनुच्छेद 370 घिसते-घिसते घिस जाएगा लेकिन 70 साल तक इसे इतना संभाल कर रखा गया कि यह घिसा नहीं. हर कोई जानता है कि यह अस्थायी प्रावधान है. उन्होंने आगे कहा, कुछ सदस्य कह रहे हैं कि सरदार पटेल कश्मीर पाकिस्तान को देना चाहते थे. ऐसी बातों को संसद के रिकॉर्ड से हटा देना चाहिए. सरदार पटेल ने 650 से ज्यादा रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत का निर्माण किया.

2. 370 हटाने के फैसले पर गुलाम नबी आजाद बोले- देश का सिर काट डाला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास का काला दिन है. बीजेपी की सरकार ने सत्ता के नशे में और वोट हासिल करने के लिए एक झटके में अनुच्छेद 370 के साथ 35A को खत्म कर दिया. इसके साथ खिलवाड़ कर यह बहुत बड़ी गद्दारी कर रहे हैं. संसद के बाहर बोलते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में कश्मीर में लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी. जब-जब भी राज्य में आतंकवाद का बोलबाला रहा तब भी उन्होंने लड़ाई लड़ी. कश्मीर की आवाम और मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों ने आतंकवाद का भी मुकाबला किया.

3. कश्मीर पर मोदी सरकार के फैसले से पाकिस्तान में खलबली, बुलाया संसद का संयुक्त सत्र

मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर पर अप्रत्याशित रूप से अनुच्छेद-370 हटाने और उसे विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर केंद्र शासित प्रदेश के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है. गृह मंत्री अमित शाह के राज्यसभा में इस ऐतिहासिक ऐलान के बाद पाकिस्तान ने बदले हालात पर चर्चा के लिए बुधवार को संसद का संयुक्त सत्र बुलाया है. पहले यह संयुक्त सत्र कल यानी मंगलवार को बुलाया जाना था. पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी ने देश की संसद में संयुक्त सत्र का आह्वान किया. यह संयुक्त सत्र 7 अगस्त को बुलाया जाएगा. इस बैठक में कश्मीर में बदले हालात पर चर्चा की जाएगी. पाक सुरक्षा बलों के प्रमुख भी इस बैठक में शामिल होंगे.

4. 370 मुद्दा: जिसे जारी करना था व्हिप, उस सांसद ने ही छोड़ दी कांग्रेस

राज्यसभा में कांग्रेस के व्हिप भुवनेश्वर कलिता ने सोमवार को अपना इस्तीफा दे दिया. भुवनेश्वर कलिता ने कहा कि आज कांग्रेस ने मुझे कश्मीर मुद्दे के बारे में व्हिप जारी करने को कहा, जबकि सच्चाई ये है कि देश का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है और ये व्हिप देश की जन भावना के खिलाफ है. भुवनेश्वर कलिता ने कहा कि पंडित नेहरू ने खुद अनुच्छेद 370 का विरोध किया था और कहा था कि एक दिन घिसते-घिसते यह खत्म हो जाएगा. आज की कांग्रेस की विचारधारा से लगता है कि कांग्रेस आत्महत्या कर रही है और मैं इसमें कांग्रेस का भागीदार नहीं बनना चाहता हूं.  

5. मोदी सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी शेहला रशीद

केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव पेश किया. यह अनुच्छेद जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देता है. प्रस्ताव के अनुसार, जम्मू और कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा. इसमें जम्मू कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश रहेगा, वहीं लद्दाख दूसरा केंद्र शासित प्रदेश होगा. केंद्र के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है. शाह फैसल की पार्टी से जुड़ीं शेहला रशीद ने कहा कि हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे. सरकार को गवर्नर मान लेने और संविधान सभा की जगह विधानसभा को रखने का फैसला संविधान के साथ धोखा है. सभी प्रगतिशील ताकतें एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगी. हम दिल्ली और बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन करेंगे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें