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MOTN: ना राम मंदिर-ना सीएए, ये है मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि

मोदी सरकार ने पिछले साल नागरिकता कानून के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देने के लिए कानून बनाया. इस कानून को मोदी सरकार भले ही अपनी अहम उपलब्धि बताती हो, लेकिन सर्वे में लोग इससे सहमत नहीं दिखे. महज एक फीसदी लोग ही सीएए को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर मानते हैं

5 अगस्त को अयोध्या में मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी (फोटो- पीटीआई) 5 अगस्त को अयोध्या में मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी (फोटो- पीटीआई)

  • मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि अनुच्छेद 370 हटाना
  • राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, दूसरी बड़ी कामयाबी
  • नागरिकता संशोधन कानून को लोगों ने नहीं दी तवज्जो
केंद्र की सत्ता में मोदी सरकार अपनी दूसरी पारी का एक साल से ज्यादा का वक्त पूरा कर चुकी है. इस दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जो ऐतिहासिक कहे जा सकते हैं. कई मोर्चों पर सरकार बैकफुट पर भी नजर आई और उसके कई फैसले आलोचना का शिकार भी बने.

मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियों पर क्या है देश का मिजाज, ये जानने के लिए आजतक के लिए कार्वी इनसाइट्स लिमिटेड ने बड़ा सर्वे किया. सर्वे के नतीजों के मुताबिक मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने का फैसला रही.

राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी लोग मोदी सरकार की दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं. वहीं, सीएए, मेक इन इंडिया, आयुष्मान भारत जैसे सरकार के कदम को महज एक-दो फीसदी लोग ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं. सर्वे के मुताबिक 16 फीसदी लोगों ने माना कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना मोदी सरकार का सबसे बेहतर कदम रहा है.

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क्षेत्रवार लोगों की राय को देखा जाए तो उत्तर भारत में 21 फीसदी, पूर्वोत्तर में 14 फीसदी, पश्चिम भारत में 18 फीसदी और दक्षिण भारत के 11 फीसदी लोगों ने सरकार के इस कदम को सबसे बड़ी उपलब्धि बताया.

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मोदी सरकार की दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि राम मंदिर मानी गई. सर्वे के मुताबिक 13 फीसदी लोगों ने राम मंदिर का श्रेय मोदी सरकार को दिया है. क्षेत्रीय आधार पर लोगों की राय को देखा जाए तो उत्तर भारत में 11 फीसदी, पूर्वोत्तर में 15 फीसदी, पश्चिम भारत में 10 फीसदी और दक्षिण भारत के 15 फीसदी लोगों ने राम मंदिर को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया.

देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी सरकार की ओर से काफी प्रयास किए गए हैं. सर्वे के मुताबिक 11 फीसदी लोगों ने कहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है. 9 फीसदी लोगों का मानना है कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने में सफल रही है और यही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है.

सर्वे के मुताबिक 9 फीसदी लोगों ने माना है कि सरकार के प्रयास की वजह से ब्लैक मनी में गिरावट आई है. इधर महज 7 फीसदी लोग ही मानते हैं कि सरकार ने कोरोना को जैसे कंट्रोल किया वो उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है. 5 फीसदी लोगों के मुताबिक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स को लागू करना मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही. किसान और गरीबों के लिए लागू होने वाली सामाजिक स्कीम को 6 फीसदी लोगों ने सबसे बड़ी उपलब्धि बताया.

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मोदी सरकार ने पिछले साल नागरिकता कानून के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देने के लिए कानून बनाया. सीएए को लेकर देश भर में काफी विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन मोदी सरकार अपने फैसले से टस से मस नहीं हुई.

इस कानून को मोदी सरकार भले ही अपनी अहम उपलब्धि बताती हो, लेकिन सर्वे में लोग इससे सहमत नहीं दिखे. महज एक फीसदी लोग ही सीएए को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर मानते हैं. इसी तरह मेक इन इंडिया को महज 2 फीसदी तो आयुष्मान भारत योजना को केवल 1 फीसदी लोग ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं.

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बता दें कि इस सर्वे के लिए 12 हजार 21 लोगों से बात की गई. इनमें से 67 फीसदी ग्रामीण जबकि शेष 33 फीसदी शहरी थी. 19 राज्यों की कुल 97 लोकसभा और 194 विधानसभा सीटों के लोग सर्वे में शामिल किए गए. जिन 19 राज्यों में ये सर्वे किया गया उनमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. ये सर्वे 15 जुलाई से 27 जुलाई के बीच किया गया.

अगर धर्म के नजरिए से देखा जाए तो 86 फीसदी हिंदू, 9 फीसदी मुस्लिम व पांच फीसदी अन्य धर्मों के लोगों से उनकी राय जानी गई. जिन लोगों पर सर्वे किया गया उनमें 30 फीसदी सवर्ण, 25 फीसदी एससी-एसटी व 44 फीसदी अन्य पिछड़े वर्ग के लोग शामिल थे.

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