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मनमोहन सिंह ने की बातचीत की नयी पेशकश

जम्मू-कश्मीर में हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों से बातचीत की नयी पेशकश करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य में गड़बड़ी के लिए ‘नियंत्रण रेखा के पार से’ प्रयास जारी हैं.

जम्मू-कश्मीर में हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों से बातचीत की नयी पेशकश करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य में गड़बड़ी के लिए ‘नियंत्रण रेखा के पार से’ प्रयास जारी हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ सार्थक बातचीत से ‘पुराने मुद्दों’ का समाधान हो सकता है लेकिन यह तभी संभव है जब वह भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए अपनी धरती के उपयोग की अनुमति नहीं दे.

पाकिस्तान का नाम लिए बिना सिंह ने कहा कि उसे ऐसा माहौल बनाने में मदद करनी चाहिए जिसमें नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के लोग शांति और सौहार्द के साथ रह सकें तथा मिलकर काम कर सकें. कश्मीर मुद्दे के आंतरिक आयाम के बारे में सिंह ने कहा कि तीन गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए गए जिनमें नागरिक समाज के सदस्यों और राजनीतिक समूहों ने भाग लिया.

सिंह ने शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में दीक्षांत भाषण में कहा, ‘हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में वार्ता प्रकिया आगे बढ़े. हम (राज्य में) सभी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं जो हिंसा का रास्ता छोड़ते हैं. उन्होंने कहा कि गोलमेज सम्मेलनों के फलस्वरूप पांच कार्यसमूह गठित किए गए थे जिन्होंने कई सुझाव दिए. उन्होंने विस्तृत ब्यौरा दिए बिना कहा, ‘हम उन्हें चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित कर रहे हैं.’

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