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CAA: कांग्रेस सांसद बोले- इस्तीफा दें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद, नहीं तो सड़क पर चलने नहीं देंगे

केरल से कांग्रेस सांसद के मुरलीधरन ने राज्य के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को लेकर विवादित टिप्पणी की है.  के मुरलीधरन ने कहा है कि राज्यपाल को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, यदि वो इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे गलियों से गुजर नहीं सकते हैं. इतना ही केरल के वडकारा से सांसद मुरलीधरन ने कहा कि यदि आरिफ मोहम्मद खान राज्यपाल जैसी गरिमा दिखाते हैं तो हम उन्हें सिखा देंगे.

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (फोटो-पीटीआई) केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (फोटो-पीटीआई)

  • CAA पर केरल में जारी है विवाद
  • कांग्रेस सांसद के विवादित बोल
  • राज्यपाल को सड़क पर चलने नहीं देंगे

केरल से कांग्रेस सांसद के मुरलीधरन ने राज्य के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को लेकर विवादित टिप्पणी की है. के मुरलीधरन ने कहा है कि राज्यपाल को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, यदि वो इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे गलियों से गुजर नहीं सकते हैं. इतना ही केरल के वडकारा से सांसद मुरलीधरन ने कहा कि यदि आरिफ मोहम्मद खान राज्यपाल जैसी गरिमा दिखाते हैं तो हम उन्हें सिखा देंगे.

प्रस्ताव की संवैधानिक वैधता नहीं

बता दें कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने गुरुवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विधानसभा में पारित प्रस्ताव की कोई संवैधानिक या कानूनी वैधता नहीं है. उन्होंने कहा कि नागरिकता पूर्ण रूप से केंद्र का मसला है इसिलए केरल विधानसभा के प्रस्ताव का कोई मतलब नहीं है.

केरल विधानसभा ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था. इस प्रस्ताव का मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की अगुवाई वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस की अगुवाई वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा ने भी समर्थन किया था. वहीं बीजेपी ने इसका कड़ा विरोध किया था. केरल के 140 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी का सिर्फ एक विधायक है.

राज्यपाल के खिलाफ अभद्र बोल

केरल विधानसभा के इस प्रस्ताव को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बेकार बताया था और कहा था कि इसका कोई संवैधानिक महत्व नहीं है. उनके इस बयान से कांग्रेस के सांसद खफा थे. इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद के मुरलीधरन ने राज्यपाल के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, "राज्यपाल ने कहा कि विधानसभा में पास हुआ प्रस्ताव बेमतलब है, अब मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वे राज्यपाल को चेतावनी दें, जैसा पश्चिम बंगाल में किया गया था और यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं वो वे यहां की गलियों में गुजर नहीं सकते हैं, यदि वे राज्यपाल की गरिमा नहीं दिखाते हैं हम उन्हें बताएंगे कि राज्यपाल को कैसे व्यवहार करना चाहिए.

बता दें कि नागरकिता संशोधन कानून का अभी कई राज्य विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस शासित राज्यों के अलावा, पश्चिम बंगाल, केरल में भी इसका विरोध हो रहा है.

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