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बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के 'सबरीमाला विवाद हमारे लिए मौका' वाले बयान पर बवाल

पिछले महीने 6 दिन के लिए मंदिर के कपाट खोले गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद 10 से 50 साल के बीच आयु वाली एक भी महिला को अंदर नहीं जाने दिया गया था. इस बार एक दिन के लिए कपाट खुले हैं और अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के कथित बयान पर विवाद हो गया है.

सबरीमाला मंदिर (फाइल फोटो-पीटीआई) सबरीमाला मंदिर (फाइल फोटो-पीटीआई)

भारी बवाल के बाद एक बार फिर केरल के मशहूर सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए सोमवार को मंदिर के कपाट खोले गए. इस दौरान वहां भारी सुरक्षाबल तैनात रहा. एक दिन के लिए खोले गए कपाट के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लै के नाम से एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिस पर विवाद हो गया है.

इस ऑडियो क्लिप में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पिल्लै कथित रूप से कह रहे हैं कि सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी ने पिछले महीने यह धमकी देने से पहले उनसे सलाह ली थी कि अगर 10 से 50 साल के आयुवर्ग की महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया तो वह मंदिर बंद कर देंगे. न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, स्थानीय मीडिया में इस क्लिप को प्रमुखता से दिखाया जा रहा है.

'सबरीमाला है स्वर्णिम अवसर'

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पिल्लै ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ये कहा था, 'सबरीमाला मुद्दा हमारे लिए स्वर्णिम अवसर है.' साथ ही पिल्लै ने यह भी दावा किया कि यह आंदोलन 'भाजपा का एजेंडा' है.

पिल्लै की कथित टिप्पणियों पर सत्तारूढ़ दल और विपक्षी कांग्रेस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने पिल्लै की निंदा करते हुए कहा कि यह गंभीर मामला है. उन्होंने सबरीमाला से संबंधित 'सभी साजिशों' और भाजपा द्वारा अपनाए गए रुख की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

पिल्लै की सफाई

हालांकि, बीजेपी अध्यक्ष और केरल हाई कोर्ट में वकालत करने वाले अधिवक्ता पिल्लै ने कहा कि पुजारी ने कानूनी राय लेने के लिए उन्हें बुलाया था और इस मसले पर उन्होंने कानूनी राय दी थी.

बता दें कि भगवान अयप्पा मंदिर में रजस्वला (10-50 साल) महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच, मुख्य पुजारी कन्दारारू राजीवरू ने 19 अक्टूबर को धमकी दी थी कि अगर पुलिस सुरक्षा प्राप्त रजस्वला आयुवर्ग की दो महिलाओं को मंदिर परिसर तक जाने की अनुमति मिली तो वह गर्भगृह बंद कर देंगे. इसके बाद पुलिस इन महिलाओं को सुरक्षा में वापस ले गई थी.

मुख्य पुजारी ने क्या कहा

बीजेपी प्रदेश के बयान पर जब विवाद हुआ तो सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी कन्दारारू राजीवरू ने इस पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़े किसी मसले पर भी श्रीधरन पिल्लै से उनकी चर्चा नहीं हुई.

पिल्लै के खिलाफ शिकायत

इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद सीपीआई के यूथ विंग ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) ने पिल्लै के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ उनके बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ना चाहती है और दंगे भड़काना चाहती है. इसके अलावा सीएम पिनराई विजयन ने ट्वीट कर कहा कि इससे साफ है कि बीजेपी कैसे इस मामले को भड़का रही है.

शाम 5 बजे खुले द्वार

मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) कंडारारू राजीवरू और मेलशांति (मुख्य पुजारी) उन्नीकृष्णन नामबूथिरी ने मिलकर शाम पांच बजे गर्भगृह के द्वार खोले और हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में प्रवेश किया. मंदिर अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को कोई विशेष पूजा नहीं होगी और रात में इसके द्वार बंद कर दिए गए. इसके बाद मंगलवार को दरवाजे फिर खुलेंगे. मंगलवार को त्रावणकोर के आखिरी राजा चिथिरा थिरुनल बलराम वर्मा के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष पूजा 'श्री चित्रा अत्ता तिरूनाल' होगी.

पुलिस ने कहा कि मंदिर में 10 से 50 वर्ष आयुवर्ग की कोई लड़की या महिला नजर नहीं आई. हालांकि, पम्बा में 26 साल की एक महिला को अपने पति और दो बच्चों के साथ मंदिर की ओर जाते देखा गया. पम्बा वह स्थान है जहां से श्रद्धालु पर्वत चोटी पर स्थित सबरीमाला मंदिर तक पांच किलोमीटर तक पैदल जाते हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, इस महिला को पम्बा पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सभी महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश देने के फैसले के बाद इस मंदिर को 17 अक्टूबर को पहली बार छह दिन के लिए खोला गया था. कोर्ट के आदेश के बावजूद 10-50 साल की किसी भी महिला को मंदिर में दाखिल नहीं होने दिया गया था. अब यह दूसरा मौका है जब मंदिर को खोला गया है.

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