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बयान पर कपिल सिब्बल की सफाई- CAA असंवैधानिक, उठाकर अरब सागर में फेंक दो एक्ट

पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने बीते दिनों कहा था कि संसद से पास कानून को हर राज्य को लागू करना होगा, अब इसी बयान पर विवाद के बाद कांग्रेस नेता ने सफाई दी है.

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल

  • कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बयान पर दी सफाई
  • असंवैधानिक है नागरिकता संशोधन एक्ट: सिब्बल
  • राज्यों की अनिवार्यता पर दिया था बयान

नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है. पार्टी अपने राज्यों में इस कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित कर सकती है. लेकिन कुछ नेताओं के बयान पर विवाद भी हो रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने बीते दिनों कहा था कि संसद से पास कानून को हर राज्य को लागू करना होगा, अब इसी बयान पर विवाद के बाद कांग्रेस नेता ने सफाई दी है.

कपिल सिब्बल ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि नागरिकता संशोधन एक्ट असंवैधानिक है, जिस बयान की चर्चा हो रही है उस भाषण में भी मैंने कहा है कि इस कानून को अरब सागर में फेंक देना चाहिए. मैं इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दलीलें भी दे रहा हूं. विधानसभा में जो प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं वो हर तरीके से मान्य हैं.

आपको बता दें कि इससे पहले कपिल सिब्बल ने एक बयान में कहा था कि अगर कोई कानून संसद से पास हो जाता है तो कोई राज्य उसे लागू करने से इनकार नहीं कर सकता है. कांग्रेस नेता ने केरल लिटरेचर फेस्टिवल में कहा था कि आप इस कानून का विरोध कर सकते हैं, विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित कर सकते हैं लेकिन संसद से पास कानून को लागू तो करना ही होगा.

सिर्फ कपिल सिब्बल ही नहीं बल्कि कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने भी ऐसा ही बयान दिया है. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि अगर एक बार कोई कानून संसद से पास हो जाता है तो संवैधानिक रूप से कोई राज्य उसे लागू करने से इनकार नहीं कर सकता है. लेकिन कानून रूप से इसे जांचना जरूर चाहिए.

गौरतलब है कि अभी तक केरल और पंजाब की विधानसभा में नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध में प्रस्ताव पारित किया जा चुका है. दोनों राज्यों का कहना है कि वो अपने यहां पर CAA, NRC लागू नहीं करेंगे. इसके अलावा कांग्रेस की ओर से अन्य पार्टी शासित राज्यों में भी ऐसा ही प्रस्ताव पास कराने की तैयारी है.

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