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गृह सचिव की अगुवाई में J-K पुनर्गठन एक्ट पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जम्मू-कश्मीर को लेकर गृह सचिव अजय कुमार भल्ला आज मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हो गई है. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट पर होने वाली इस सचिव स्तर की बैठक में राज्य के अतिरिक्त सचिव भी शामिल हुए. नई व्यवस्था के बाद 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो नए केंद्र शासित प्रदेश बन जाएंगे.

घाटी में स्थिति सामान्य करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी (IANS) घाटी में स्थिति सामान्य करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी (IANS)

जम्मू-कश्मीर को लेकर गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की अगुवाई में आज मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हो गई. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट पर होने वाली इस सचिव स्तर की बैठक में राज्य के अतिरिक्त सचिव भी शामिल हुए. यह बैठक दोपहर 12 बजे हुई. नई व्यवस्था के बाद 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो नए केंद्र शासित प्रदेश बन जाएंगे.

यह अहम बैठक उस समय हुई जब सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय किए जाने के खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. नई व्यवस्था के बाद घाटी में स्थिति सामान्य रखना प्रशासन की बड़ी चुनौती है. स्थिति अभी तक सामान्य बताई जा रही है, लेकिन भारी सुरक्षा के बीच कई जगहों पर कई लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.

जम्मू -कश्मीर से अनुच्छेद 370 को पंगु किए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बांटने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिका दाखिल की गई हैं. पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के अध्यक्ष शाह फैसल, शेहला रशीद समेत सात लोगों ने याचिका दाखिल की जिस पर कश्मीर मसले से जुड़ी बाकी याचिकाओं के साथ देश की सबसे बड़ी अदालत में सुनवाई बुधवार से शुरू होगी.

नई व्यवस्था के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कारणों से किए गए लॉकडाउन के 22 दिन हो चुके हैं. इस दौरान श्रीनगर में सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या बढ़ रही है, जबकि सार्वजनिक परिवहन अभी भी बंद हैं. हमहामा, हैदरपोरा, जवाहर नगर, सनत नगर, राजबाग और रेजीडेंसी रोड में निजी परिवहनों की आवाजाही अधिक देखी गई, जबकि श्रीनगर में अभी भी निजी परिवहन सड़कों पर कम हैं.

घाटी के 69 पुलिस थाना क्षेत्रों में सरकार ने दिन के समय प्रतिबंधों में राहत दी है. सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा, कि पहले 50 थाना क्षेत्रों में यह ढील दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 19 और थानों को जोड़ लिया गया है, लेकिन लोगों की आवाजाही अभी भी आसान नहीं होगी, क्योंकि अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

उन्होंने कई स्थानों पर सड़कें पत्थरों और लकड़ी के खंभों से जाम कर रखा है. सुरक्षाबलों ने पहले ही सड़क पर हर जगह मोर्चाबंदी कर दी है. घाटी में सभी दुकानें बंद हैं. कुछ इलाकों में दुकानें सुबह (9 बजे) के समय खुलती हैं, जिसमें लोग खाने-पीने और जरूरत का सामान खरीदते हैं.

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