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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी शक्ति पुरस्सार से सम्मानित होने वाले 33 अनसुने हीरोज

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) ने 33 महिलाओं को नामांकित किया है, जिन्हें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) ने 33 महिलाओं को नामांकित किया है, जिन्हें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.

पुरस्कार विजेताओं में से अपने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के लिए राजस्थान शामिल है, जहां दिसंबर 2016 में सेक्स रेशियो 929 था वो अब घट 942 पर आ गया है. राजस्थान के सभी जिलों में आंगनवाड़ी केंद्र हैं. जहां गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित रूप से 'अन्नप्रकाश' और 'गोदभार' जैसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं. जिनसे भी सेक्स रेशियो में कटौती आई है.

सम्मानित की जाने वाली महिलाएं
15 फरवरी को इसरो द्वारा 104 उपग्रहों के प्रक्षेपण में योगदान देने वाली तीन महिला वैज्ञानिक- सुभा वरिअर, बी कोडनायग्य और अन्नटा सोननी को भी पुरस्कृत किया जाएगा.

वरिअर ने रियल टाइम डिसप्ले के लिए 'सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र', 'शार' और 'श्रीहरिकोटा सीमा' के विन्यास को अंतिम रूप देने में योगदान दिया है. पुडुचेरी से कोडनायग्य 30 साल से इसरो के साथ हैं. वह पीएसएलवी सी 37 लॉन्च वाहन के सभी सौलिड मोटर्स की नियंत्रण प्रणाली के लिए जिम्मेदार हैं। सोननी ने इसरो डिजाइन और ऑर्बिट निर्धारण प्रणाली विकसित करने में मदद की है।

मुमताज काजी 20 साल की उम्र में डीजल ट्रेन चलाने वाली एशिया की पहली महिला हैं. अन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा. 46 साल की काजी ने बताया कि उन्हें ऐसा करने की प्रेरणा अपने पिताजी से मिली. वह 1991 में भारतीय रेलवे में भरती हुई थी.

मोटरसाइकिलिस्ट पल्लवी फौजदार ने अपने काम को कुपोशित बच्चों और कन्या भ्रूण हत्या के बारे में जागरुकता लाने के लिए इस्तेमाल किया. वह भी सम्मानित की जाएंगी. फौजदार ने एक ही यात्रा में हिमाचल, लेह, लद्दाख और कश्मीर के 3,500 किलोमीटर को कवर करते हुए 5000 मीटर की ऊँचाई वाले आठ पर्वत पारियों को जीता है.

सम्मान पाने वाली महिलाओं में से एक बंगाल की अनोयरा खातुन भी हैं. उन्होंने 50 बाल विवाह रोके हैं और 85 लड़कियों को ट्रेफिकिंग से बचाया है. इसके साथ ही 200 लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया है.

अमरुता पाटिल भारत की पहली ग्रेफिक उपन्यासकार हैं. उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा.

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