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संभल जाएं भारत के दुश्मन, सैनिकों के हाथ में आया 'धनुष'

अमेरिका से मिला एक्सकैलिबर आर्टिलरी एम्युनिशन भी सेना में शामिल हो गया है. ये सटीक निशाना लगाने और दुश्मन को तबाह करने में सक्षम है. ये दुश्मन के लक्ष्य को पूरी सटीकता से 50 किमी से भी ज्यादा दूरी से निशाना बना सकता है.

धनुष अर्टिलरी गन (ANI) धनुष अर्टिलरी गन (ANI)

  • भारत में बने तोप धनुष को भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है
  • एक्सकैलिबर आर्टिलरी एम्युनिशन को भी सेना में शामिल किया गया

पाकिस्तान से जारी तनाव के बीच भारतीय सेना को नए हथियार मिले हैं. भारत में बने तोप धनुष को भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है. सेना के कमांडरों को बुधवार को इसकी जानकारी दी गई. इसके अलावा अमेरिका के एक्सकैलिबर आर्टिलरी एम्युनिशन को भी सेना में शामिल किया गया है.

एक्सकैलिबर आर्टिलरी एम्युनिशन सटीक निशाना साधने और दुश्मन को तबाह करने में सक्षम है. ये बेहद घनी आबादी में भी दुश्मन के लक्ष्य को पूरी सटीकता से 50 किमी से ज्यादा दूरी से निशाना बना सकता है. सेना के फास्ट ट्रैक प्रोसीजर के तहत इसका अधिग्रहण किया गया था.

सेना के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार की बैठक में धनुष अर्टिलगी गन पर विस्तृत चर्चा हुई और बताया गया कि जंग की स्थिति में धनुष तोप की मारक क्षमता कितनी कारगर है. आर्मी कमांडर कॉन्फ्रेंस में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के गठन पर भी बात हुई. आर्मी कमांडरों ने समय के साथ बदलते माहौल में इस पद के महत्व पर जोर दिया.

बेहद खतरनाक है एक्सकैलिबर एम्युनिशन

एक्सकैलिबर एम्युनिशन को एम-777 होवित्जर तोप और धनुष तोप से भी दागा जा सकेगा. आपको बता दें एक्सकैलिबर एम्युनिशन को अफगानिस्तान में युद्ध के समय बेहद सटीक निशाना बनाने के लिए अमेरिका ने विकसित किया था.

इससे पहले भारतीय वायुसेना इजरायल से स्पाइस 2000 और अन्य मिसाइलों की खरीद का सौदा कर चुकी है. पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक में स्पाइस 2000 बमों का इस्तेमाल किया था. स्पाइस बम को इजराइल ने विकसित किया है. इसके अलावा भारतीय सेना स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल भी खरीद रही है, जो दुश्मन के बख्तरबंद ठिकाने को भी बर्बाद कर सकती है.

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