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चुनाव आयोग का मायावती को नोटिस, नोटबंदी के बाद जमा पैसे का मांगा हिसाब

चुनाव आयोग ने बसपा से नोटबंदी के बाद जमा कराए गए पैसों का हिसाब मांगा है. आयोग ने पार्टी को इस बाबत नोटिस भेजा है. बसपा को 15 मार्च तक इस नोटिस का जवाब देना होगा.

मायावती मायावती

यूपी विधानसभा चुनाव के बीच बहुजन समाज पार्टी को एक और झटका लगा है. चुनाव आयोग ने बसपा से नोटबंदी के बाद जमा कराए गए पैसों का हिसाब मांगा है. आयोग ने पार्टी को इस बाबत नोटिस भेजा है. बसपा को 15 मार्च तक इस नोटिस का जवाब देना होगा.

हाल ही में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट और इनकम टैक्स विभाग ने कुछ आंकड़े जारी किए थे. आंकड़ों के मुताबिक नोटबंदी के दौरान बहुजन समाज पार्टी सबसे ज्यादा पुराने नोट जमा कराने वाली पार्टी थी. बसपा ने नोटबंदी के पचास दिनों के दौरान 104 करोड़ रूपया जमा कराया था.

दिल्ली में लगा था छापा

दिल्ली के करोल बाग में इनकम टैक्स विभाग ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर छापेमारी की थी. इस दौरान मायावती और उनके भाई आनंद कुमार पर नोटबंदी के बाद करोड़ों रुपये जमा कराने की जानकारी सामने आई थी.

जमीन पर भी मिला नोटिस
फरवरी में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती और उनके भाई आनंद कुमार को नोटिस जारी किया था. दरअसल 2006 में मायावती ने गांव बादलपुर की 7435 वर्गमीटर कृषि जमीन को आवासीय जमीन बता अपने भाई को दी थी. इस मामले में ही कोर्ट ने मायावती, आनंद कुमार और प्रभुदयाल सहित एसडीएम को नोटिस जारी किया था.

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