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हथियार कारोबारी संजय भंडारी के प्रत्यर्पण की तैयारी, बढ़ सकती हैं वाड्रा की मुश्किलें

ईडी के सूत्रों का दावा है कि रॉबर्ट वाड्रा ने कथित तौर पर भंडारी के भतीजे सुमित चड्ढा को ई-मेल किया और उन्हें संपत्तियों के सौदे के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए. सुमित चड्ढा ने संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को मार्क करके कई मेल भेजे जो लंदन में ब्रायनस्टन संपत्ति के नवीनीकरण के संबंध में थे.

संजय भंडारी की फाइल फोटो संजय भंडारी की फाइल फोटो

  • संजय भंडारी को ब्रिटेन से भारत लाने की तैयारी शुरू
  • भंडारी के खिलाफ कालाधन मामले में चार्जशीट दायर

जांच एजेंसियों ने हथियार कारोबारी संजय भंडारी को लंदन से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि संजय भंडारी के ब्रिटेन से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और भारत में दर्ज केस का सामना करने के लिए भंडारी को भारत लाया जाएगा.

जांच एजेंसियों के इस कदम से कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की मुसीबतें बढ़ सकती हैं क्योंकि संजय भंडारी वाड्रा के कथित लंदन प्रॉपर्टी खरीद मामले में जांच के घेरे में हैं. वित्तीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को संजय भंडारी के खिलाफ काले धन के मामले में आरोप पत्र दायर किया. ईडी के सीनियर अधिकारी ने इंडिया टुडे को बताया, “अदालत को अभी चार्जशीट का संज्ञान लेना है, इसलिए हम इस बिंदु पर विस्तृत विवरण साझा नहीं कर सकते.” इस मामले में ब्लैक मनी एक्ट के तहत पहली बार आयकर विभाग द्वारा केस दर्ज किया गया था.

सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की जांच में यह स्थापित हुआ है कि रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी के बीच संबंध हैं. 30 अप्रैल, 2016 को आयकर विभाग ने भंडारी से पूछताछ की थी. इस पूछताछ में भंडारी से 2012 में वाड्रा की फ्रांस यात्रा के बारे में भी पूछा गया था. इंडिया टुडे को आयकर विभाग के कुछ दस्तावेज हासिल हुए हैं. ये दस्तावेज अब प्रवर्तन निदेशालय की जांच का हिस्सा हैं. इन दस्तावेज के मुताबिक, जांचकर्ता अधिकारियों ने भंडारी से पूछा था कि क्या उन्होंने 2012 में वाड्रा के लिए फ्रांस से दिल्ली यात्रा के फ्लाइट टिकट बुक किए थे. ये टिकट दिल्ली के पहाड़गंज स्थित इंटरनेशनल ट्रैवल होम नामक बुकिंग एजेंसी के माध्यम से बुक हुए थे. भंडारी से यह भी पूछा गया था कि 13.08.2012 से 19.08.2012 के बीच फ्लाइट टिकटों का भुगतान किसने किया था.

इन सवालों पर भंडारी का कथित तौर पर दिया गया जवाब वाड्रा के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है. भंडारी ने अधिकारियों को जवाब दिया था कि "हां, निश्चित तौर पर ये टिकट रॉबर्ट वाड्रा के निर्देश पर बुक किए गए थे लेकिन मुझे यह याद नहीं है कि इसका भुगतान किसने किया था." पिछले साल ईडी ने वाड्रा से भी कई दिनों तक पूछताछ की थी. हालांकि, सूत्रों के अनुसार वाड्रा ने संजय भंडारी से किसी भी तरह का कारोबारी रिश्ता होने से इनकार किया है. सूत्र बताते हैं कि वाड्रा ने इन दस्तावेज का विरोध किया था जिनके आधार पर उनके और भंडारी के बीच संबंध ​स्था​पित किए गए हैं.

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ईडी के मुताबिक, संजय भंडारी को 2009 में पेट्रोलियम और 2010 में रक्षा सौदों में दलाली मिली थी. यह राशि करीब 12 मिलियन पाउंड की थी. इस पैसे से लंदन में कई संपत्तियां खरीदी गईं. ईडी के सूत्रों का दावा है कि रॉबर्ट वाड्रा ने कथित तौर पर भंडारी के भतीजे सुमित चड्ढा को ई-मेल किया और उन्हें संपत्तियों के सौदे के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए. सुमित चड्ढा ने संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को मार्क करके कई मेल भेजे जो लंदन में ब्रायनस्टन संपत्ति के नवीनीकरण के संबंध में थे. इसके जवाब में वाड्रा ने सुमित और संजय दोनों को जवाब देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए, जिसके लिए फंड भी वाड्रा ने दिया था.

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जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि उनके बीच मेल के आदान-प्रदान से यह पता चलता है कि मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जो पैसा बनाया गया, उससे वाड्रा के लिए संपत्तियां खरीदी गईं. भारत सरकार ने पिछले साल संजय भंडारी की कंपनी के साथ कारोबार पर रोक लगाई थी. भंडारी की कंपनी यूपीए कार्यकाल में कई रक्षा सौदों में शामिल थी.

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