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मणिपुरः कांग्रेस ने राज्यपाल से की मुलाकात, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग

विशेष सत्र को बुलाने की मांग इसलिए की गई है ताकि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सके और अपनी सरकार बनाने के लिए बहुमत साबित किया जा सके.

18 जून को बीजेपी के तीन विधायकों ने दिया था इस्तीफा 18 जून को बीजेपी के तीन विधायकों ने दिया था इस्तीफा

  • अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कांग्रेस में जुटी कांग्रेस
  • बुधवार को BJP के तीन विधायकों ने दिया था इस्तीफा

मणिपुर में सियासत गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की गठबंधन सरकार के हाथ से सत्ता जाती नजर आ रही है. कांग्रेस पार्टी ने मणिपुर में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. कांग्रेस विधायक दल के नेता ओकराम इबोबी सिंह ने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मुलाकात कर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है.

विशेष सत्र को बुलाने की मांग इसलिए की गई है ताकि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सके और अपनी सरकार बनाने के लिए बहुतम साबित किया जा सके. वहीं. NPP सहित कांग्रेस के नेतृत्व में 12 विधायकों ने अनुच्छेद-179 (सी) के तहत विधानसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए नोटिस भेजा है.

बता दें कि बुधवार को बीजेपी के तीन विधायक इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इसके अलावा सत्तारूढ़ दल नेशनल पीपुल्‍स पार्टी (NPP) के चार विधायकों ने मंत्रीपद छोड़ दिया है. साथ ही एक टीएमसी विधायक और एक निर्दलीय विधायक ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है.

2017 चुनाव में राज्य की कुल 60 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. बीजेपी के खाते में 21 सीटें गई थीं. वहीं, नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) को चार-चार सीटें मिली थीं. LJP और तृणमूल कांग्रेस को एक-एक और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी.

मणिपुर: खतरे में BJP की गठबंधन सरकार, 3 विधायक कांग्रेस में शामिल

60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में बीजेपी ने 32 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. अब बिरेन सिंह सरकार लगातार मंत्री और विधायकों के इस्तीफे के बाद संकट में आ गई है. बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत है, जो जुटा पाना बीजेपी के लिए टेढ़ी खीर है.

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