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भाटपारा: कांग्रेस-CPM कार्यकर्ताओं ने निकाला शांती मार्च, पुलिस से हुई झड़प

मंगलवार को कांग्रेस और सीपीएम कार्यकर्ताओं ने भटपारा में शांती मार्च निकाला. लेकिन इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई.

(पीस मार्च के दौरान कांग्रेस-टीएमसी कार्यकर्ता) (पीस मार्च के दौरान कांग्रेस-टीएमसी कार्यकर्ता)

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थम नहीं रहा है. राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर लगातार हिंसा भड़काने का आरोप-प्रत्यारोप लगाती रही हैं. इसी बीच मंगलवार को कांग्रेस और सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने उत्तर 24 परगना के भाटपारा में शांति मार्च निकाला था जिसके बाद पुलिस की उनके साथ झड़प हो गई.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल पुलिस ने कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करने से रोक दिया. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार्यकर्ता शांति मार्च के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें आगे बढ़ने नहीं दे रही है. कार्यकर्ताओं को सुरक्षाबल आगे बढ़ने से रोक दे रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी मुख्यधारा की पार्टी बन गई हैं और कांग्रेस और सीपीएम अब हाशिए पर खड़ी पार्टी के तौर पर नजर आती हैं.

उत्तर 24 परगना राजनीतिक हिंसाओं का बीते कुछ दिनों में गवाह रहा है. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) इस क्षेत्र में ध्रुवीकरण पर जोर दे रही है और राजनीतिक हिंसा भड़का रही है. वहीं बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी सरकार लोगों के प्रति दमनपूर्ण रवैया अपनाती है.

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पार्टियों के विरोध का हिंसक हो जाना नई बात नहीं है. आए दिन ऐसी खबरें आती रहती हैं जो साबित करती हैं कि यहां की कानून व्यवस्था कितनी लचर है.

सोमवार को उत्तर 24 परगना के भाटपारा पुलिस थाने के अंतर्गत अलग-अलग जगहों पर 50 बम बरामद किए गए. अचानक भारी मात्रा में मिले बम के बाद इलाके में परिस्थितियां बिगड़ गई थीं.

बता दें, कुछ दिन पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद भाटपारा में हिंसा भड़क उठी थी. बीजेपी का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता ही बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं और राज्य की कानून व्यवस्था तृणमूल कांग्रेस के कथित गुंडों की मदद कर रही है.

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