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हेलीकॉप्टर घोटाले में पूर्व वायुसेनाध्यक्ष पर केस

हेलीकॉप्‍टर घोटाला मामले में सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है. सीबीआई दिल्‍ली व चंड़ीगढ़ समेत देशभर में 14 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

हेलीकॉप्‍टर घोटाला मामले में सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है. सीबीआई दिल्‍ली व चंड़ीगढ़ समेत देशभर में 14 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. सीबीआई ने पूर्व वायुसेनाध्‍यक्ष एसपी त्‍यागी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

सीबीआई ने 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में कथित धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मामले में भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी तथा 12 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की.

प्राथमिकी में दो नए नाम भी शामिल किए गए हैं, जो एजेंसी की प्रारंभिक जांच का हिस्सा नहीं थे. उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष बगरोडिया के भाई व आईडीएस इन्फोटेक के अध्यक्ष सतीश बगरोडिया तथा इसी कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रताप अग्रवाल शामिल हैं.

पूर्व वायुसेनाध्‍यक्ष पर प्राथमिकी का पहला मामला
एसपी त्यागी भारतीय वायुसेना के ऐसे पहले प्रमुख हैं, जिनका नाम सीबीआई ने भ्रष्टाचार या आपराधिक मामले में लिया है. सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं.

और सबूत की तलाश में सीबीआई का छापा
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की कम से कम 12 टीमों ने दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और चंडीगढ़ के आलीशान इलाकों में स्थित 14 परिसरों पर समन्वित छापे मारे. इनमें त्यागी, उनके रिश्तेदारों के आवास और फिनमेकेनिका, अगस्तावेस्टलैंड, आईडीएस इन्फोटेक और एरोमैट्रिक्स के कार्यालय तथा अन्य स्थान शामिल हैं. एजेंसी ने 4 कंपनियों- इटली स्थित फिनमेकेनिका, ब्रिटेन स्थित अगस्तावेस्टलैंड और चंडीगढ़ स्थित आईडीएस इन्फोटेक तथा एरोमैट्रिक्स के नाम भी मामले में शामिल किए हैं.

सूत्रों ने बताया कि प्राथमिकी में संदिग्ध यूरोपीय बिचौलियों कालरे गारोसा, क्रिस्चियन माइकल और गुइडो हैशखे, पूर्व में एरोमैट्रिक्स से जुड़े अधिवक्ता गौतम खेतान तथा इसके मुख्य कार्याधिकारी प्रवीण बख्शी, फिनमेकेनिका के पूर्व अध्यक्ष ग्यूसेप ओरसी, अगस्तावेस्टलैंड के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी ब्रूनो स्पैगनोलिनी, त्यागी, जूली, डोक्सा और संदीप के नाम शामिल हैं.

हेलीकॉप्‍टर डील में रिश्‍वत का मामला
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने सोलह दिन तक चली अपनी प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज करने के लिए साक्ष्य जुटाए. यह मामला अगस्तावेस्टलैंड के पक्ष में 12 हेलीकॉप्टरों का सौदा हासिल करने के लिए 362 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत दिए जाने से जुड़ा है.

उन्होंने कहा कि एजेंसी को इटली से कुछ दस्तावेज तथा रक्षा मंत्रालय से फाइलें मिल गई हैं जिनसे हेलीकॉप्टर के लिए जरूरी नियम शर्तों में बदलाव करने के लिए आपराधिक साजिश रचने का संकेत मिलता है जो अगस्तावेस्टलैंड के पक्ष में था.

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने त्यागी, उनके रिश्तेदारों- जूली, डोक्सा और संदीप, गौतम खेतान, प्रवीण बख्शी तथा बगरोडिया से पिछले हफ्ते विस्तृत पूछताछ की है. सभी आरोपियों ने अपने पर लगे आरोपों से इनकार किया है.

साबित हो सकता है बहुत बड़ा घोटाला
जांच एजेंसी ने कहा कि इतालवी कंपनी फिनमेकेनिका ने कथित तौर पर बिचौलियों को दलाली दी जिसमें से बड़ी राशि ट्यूनीशिया और मॉरीशस के रास्ते भारतीय नागरिकों को पहुंचाई गई. इसने कहा कि धनराशि दो भारतीय कंपनियों- आईडीएस इन्फोटेक और एरोमैट्रिक्स के साथ अभियांत्रिकी करार के नाम पर भेजी गई.

इतालवी एजेंसियों ने 15 फरवरी को अगस्तावेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकेनिका के पूर्व अध्यक्ष ओरसी को सौदा हासिल करने के लिए रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

इटली के अभियोजकों की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हैशखे और गारोसा, त्यागी बंधुओं की मदद से पहले किसी तरह निविदा के ब्यौरे में बदलाव कराने में सफल रहे, हेलीकॉप्टर के उड़ने की ऊंचाई 18 हजार फुट से 15 हजार फुट कराई, इस तरह अगस्तावेस्टलैंड निविदा में भागीदार बनी.

त्यागी बंधुओं ने इस काम में अपने चचेरे भाई एसपी त्यागी की मदद ली. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि दोनों एक तुलनात्मक उड़ान परीक्षण कराने में भी सफल रहे और इस तरह अगस्तावेस्टलैंड ऐसा हेलीकॉप्टर रहा जिसमें तीन इंजन थे . इस तरह यह सौदा इसके पक्ष में चला गया.

इसमें आरोप लगाया गया है कि अगस्तावेस्टलैंड और गॉर्डियन सर्विसेज सर्ल के बीच एक कंसलटेंसी करार के जरिए हैशखे और गारोसा को चार लाख यूरो (2.8 करोड़ रुपये) का भुगतान किया गया.

आरोप के अनुसार इसमें से एक लाख यूरो (72 लाख रुपये) कथित तौर पर त्यागी बंधुओं (जूली, डोक्सा और संदीप) को नकद दिए गए.

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