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मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग के लिए आरोप पत्र तैयार

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पर सोमवार से कार्यवाही शुरू होने जा रही है. सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने इस सिलसिले में मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नेशनल असेंबली में प्रक्रिया शुरू करने के लिए आरोप पत्र भी तैयार कर लिया है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पर सोमवार से कार्यवाही शुरू होने जा रही है. इस्लामाबाद में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने इस सिलसिले में मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नेशनल असेंबली में प्रक्रिया शुरू करने के लिए आरोप पत्र भी तैयार कर लिया है.
342 सदस्यीय निचले सदन की सोमवार शाम पांच बजे सत्र के लिए बैठक होगी. इसमें 64 वर्षीय मुशर्रफ का भाग्य तय किए जाने की उम्मीद है.
मुशर्रफ़ पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने कई बार संविधान का उल्लंघन किया है और अमरीका से मिलने वाली करोड़ों डॉलर की सहायता का दुरुपयोग भी किया है. मुशर्रफ के खिलाफ संविधान एवं अन्य कानूनों के उल्लंघन तथा करोड़ों डालर की अमेरिकी सहायता के दुरुपयोग सहित अन्य आरोपों वाले एक व्यापक आरोपपत्र को अंतिम रूप दिया जा चुका है. यह आरोप पत्र संसद में महाभियोग प्रस्ताव के साथ ही पेश किया जाएगा.
सत्तारूढ़ नेताओं ने महाभियोग की कार्यवाही शुरू होने से पहले कहा है कि राष्ट्रपति को चाहिए कि अपने पद से तत्काल इस्तीफ़ा दे दें. लेकिन मुशर्रफ पहले ही यह कह चुके हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने स्वयं पर आए संकट से बचने के लिए संसद भंग करने से भी इनकार किया है.
विधि मंत्री फारूक नायक ने कहा कि हम ऐसा आरोपपत्र तैयार करेंगे कि आगे और अधिक जांच की जरूरत न हो. मुशर्रफ के जवाब के बाद सदन उन पर महाभियोग चलाने का प्रस्ताव पारित कर सकता है. पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता इशाक डार ने कहा कि आरोपपत्र व्यापक होगा. दोनों नेताओं ने कहा कि आरोपपत्र को संसद में पेश किए जाने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा. डार ने कहा कि सोमवार से पंजाब, उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत, सिंध और बलूचिस्तान की प्रांतीय असेंबलियां प्रस्ताव पारित कर मुशर्रफ से संसद में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहेंगी. इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद नेशनल असेंबली या संसद के निचले सदन में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होगी. पाकिस्तान की संसद के दोनों सदनों नेशनल असेंबली और सीनेट के सदस्यों की कुल संख्या 442 है. महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत यानी 295 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी.

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