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आजम खान के बयान पर बोलीं स्मृति ईरानी- अखिलेश यादव की भी सोच में कोई फर्क नहीं

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में आजम खान के बयान को बेहद शर्मनाक बताया है. स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर कहा कि आजम खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिम्ब है.

स्मृति ईरानी (फाइल फोटो) स्मृति ईरानी (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में आजम खान के बयान को बेहद शर्मनाक बताया. स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर लिखा 'आजम खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिम्ब है. उनका बचाव करके अखिलेश यादव ने भी प्रमाणित कर दिया कि उनकी सोच में भी कोई फर्क नहीं है. जो सदन में महिला के साथ निंदनीय व्यवहार कर सकता है वह साधारण महिला से किस प्रकार का व्यवहार करता होगा यह सोचने वाली बात है.'

लोकसभा में गुरुवार को समाजवादी पार्टी सांसद आजम खान के भाजपा सांसद रमा देवी पर टिप्पणी को लेकर हंगामा हो गया था. रमा देवी तीन तलाक विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन की अध्यक्षता कर रही थीं. मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 पर चर्चा में भाग लेते हुए आजम खान ने सदन की अध्यक्षता कर रहीं रमा देवी पर टिप्पणी की, जिसका सत्ता पक्ष ने विरोध किया.

टिप्पणी पर आपत्ति जाहिर करते हुए बिहार के शिवहर की सांसद रमा देवी ने कहा कि यह बोलने का तरीका नहीं और टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया. इसके जवाब में आजम खान ने कहा, 'आप बहुत आदरणीय है. आप मेरी बहन की तरह हैं.'

इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला आसन पर आ गए और कहा कि इस तरह के असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. आजम खान ने दोहराया कि रमा देवी उनकी बहन जैसी हैं और अगर उन्होंने उनके खिलाफ असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है तो वह सदन से इस्तीफा देने को तैयार हैं. 

वहीं, उनके समर्थन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'मैं नहीं मानता कि आजम खान ने आसन (रमा देवी) का अनादर किया है. ये (भाजपा सांसद) लोग बहुत अशिष्ट हैं. ये उंगली उठाने वाले कौन हैं.'  उन्होंने कहा, 'अगर आप (लोकसभा अध्यक्ष) सोचते हैं कि खान द्वारा इस्तेमाल किया गया शब्द असंसदीय है  तो उसे हटाया जाना चाहिए. '

इस पर बिड़ला ने कहा, 'आप सब के लिए यह कहना आसान है कि इसे हटाइए, उसे हटाइए, लेकिन हटाने की जरूरत क्यों पैदा हुई? एक बार कोई टिप्पणी की गई तो यह पहले से ही पब्लिक डोमेन में है. इसलिए हम सभी को संसद की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए.' हंगामे के बाद आजम खान व सपा के दूसरे सदस्यों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया था.

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