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कांग्रेस नेता शकील अहमद के बयान पर विवाद, बीजेपी ने किया विरोध

कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने बुधवार को अपने ‘मुस्लिम’ आतंकवादी वाले बयान से विवाद खड़ा कर दिया. अहमद के बयान पर बीजेपी ने हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का प्रयास कर रही है और उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने बुधवार को अपने ‘मुस्लिम’ आतंकवादी वाले बयान से विवाद खड़ा कर दिया. अहमद के बयान पर बीजेपी ने हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का प्रयास कर रही है और उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.

अहमद ने ट्वीट किया था, ‘शुक्र है! छोटा राजन और अनूप चेतिया मुस्लिम नहीं हैं. अगर वे मुस्लिम होते तो उन दोनों को लेकर मोदी सरकार ने का रुख अलग ही होता.’ कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अहमद ने बहुत घटिया और शर्मनाक बयान दिया है और आतंकवादियों में भी धार्मिक आधार पर भेद का प्रयास किया है.

'मोदी सरकार की दोहरी नीति उजागर करने की कोशिश'
बयान पर विवाद खड़ा होने के बाद अहमद ने कहा कि वह केवल आतंकवाद के मुद्दे पर बीजेपी और मोदी सरकार के दोहरे मानदंडों और दोहरी बातों को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं.

 बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा
संबित पात्रा ने कहा, ‘कांग्रेस के बड़े नेता शकील अहमद ने बहुत घटिया बयान दिया है. यह शर्मनाक बयान है. कांग्रेस ने संकीर्ण राजनीतिक फायदों के लिए समाज को हिंदू और मुस्लिम के आधार पर बांटा है.’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने समाज में वोट बैंक बनाया है और आज वे आतंकवादियों में भी धर्म के नाम पर अंतर करने का प्रयास कर रहे हैं. वे हिंदू आतंकवादी और मुस्लिम आतंकवादी का भेद पैदा कर रहे हैं.’

पात्रा ने कहा कि कुछ दिन पहले कांग्रेस के ही मणिशंकर अय्यर पेरिस में आईएस के हमलों पर सफाई देने की कोशिश कर रहे हैं. आज अहमद की तरफ से इस तरह का बयान है. कांग्रेस क्या चाहती है? उन्होंने कहा, ‘और किसी को नहीं बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कांग्रेस पार्टी में देखे जा रहे इस चलन पर सफाई देनी चाहिए. उन्हें माफी मांगनी चाहिए.’

'बीजेपी नेता ने कहा था सभी आतंकवादी मुसलमान हैं'
शकील अहमद ने कहा, ‘अगर वे मुस्लिम होते तो बीजेपी कहती कि कांग्रेस सरकार या यूपीए सरकार ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और देश में इसलिए वापस नहीं लाई क्योंकि वे मुस्लिम हैं. वे कहते कि कांग्रेस और यूपीए इस तरह वोट बैंक की राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए मैंने यह बयान दिया. मैंने मोदी सरकार और बीजेपी के दोहरे रवैये को उजागर करने का प्रयास किया है.’ आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होने की बात कबूल करते हुए अहमद ने कहा कि एनडीए के एक नेता ने, जो अब मंत्री हैं, कुछ दिन पहले संसद में कहा था कि सभी मुसलमान आतंकवादी नहीं हैं लेकिन सभी आतंकवादी मुसलमान हैं.

वहीं, कांग्रेस नेता के बयान का विरोध करते हुए धर्मगुरु सड़क पर उतर आए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए.

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