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अब राहुल गांधी पर जूता फेंकने की कोशिश

देहरादून के विकासनगर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते वक्त कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर एक व्यक्ति ने जूता फेंकने की कोशिश की.  यह घटना शाम करीब साढ़े चार बजे हुई. जब मंच से राहुल गांधी भाषण दे रहे थे तभी एक शख्स ने उनके मंच की ओर जूता उछाल दिया.

राहुल गांधी राहुल गांधी

'जूता कांड' का शिकार बनने वाले नेताओं की सूची में राहुल गांधी का नाम भी जुड़ गया है.

उत्तराखंड में राहुल गांधी पर एक चुनावी सभा को संबोधित करने के दौरान एक व्यक्ति ने जूता उछाल दिया.देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी एन गोस्वामी ने बताया कि राहुल से करीब 10 मीटर दूर आकर जूता गिरा. फेंकने वाले युवक की पहचान कुलदीप के रूप में की गयी है और उसे पुलिस ने तत्काल हिरासत में ले लिया.

वीडियो में देखें कैसे राहुल गांधी पर फेंका गया जूता

विकासनगर रैली में जूता उछालने वाले युवक को तत्काल पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी को कहते सुना गया, ‘उसे मारे नहीं.’ राहुल ने कहा कि यह सोचना गलत है कि राहुल गांधी जूता या चप्पल फेंकने पर चले जाएंगे.

उन्होंने कहा, ‘यदि कोई गुस्सा निकालना चाहता है तो दो तीन जूते और फेंक सकता है. लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ सकता.’

जूता उछाने जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम के पीछे भाजपा का हाथ होने का संदेह जताया और सचाई का पता लगाने के लिए पूरी तरह जांच की मांग की.

पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, ‘मैं इसकी निंदा करता हूं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. कुछ समय से भाजपा कहती आ रही है कि लोग सड़कों पर उतरेंगे और असैन्य संघर्ष हो सकता है. इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान इन करतूतों को प्रोत्साहित करते हैं. मुझे नहीं पता कि इनके पीछे वास्तव में कौन है लेकिन राजनीतिक दलों और नेताओं को इस तरह के बयान देने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए.’

विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने कहा, ‘यह निंदनीय है और हमें इस तरह की करतूतों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए जो हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं व लोकतांत्रिक तानेबाने में गरिमापूर्ण नहीं हैं.’

पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि जूता फेंकने वाले या काले झंडे दिखा रहे लोगों के मकसद एक जैसे हैं.

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि उन्हें इस घटना पर राहुल की प्रतिक्रिया ठीक लगी.

उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘मुझे जूता फेंकने पर राहुल की प्रतिक्रिया पसंद आई कि फेंको, फेंको, एक और फेंको.’
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जूता फेंकना अब फैशन बन गया है. अब वक्त आ गया है कि इस तरह के मामलों से सख्ती से निपटा जाए.

राजीव शुक्ला ने कहा, ‘इस तरह की हरकतों को क्राइम का दर्जा दिया जाना चाहिए. इस तरह के मामलों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए. कानूनी कार्रवाई के तहत कड़े से कड़े दंड का प्रावधान किया जाना चाहिए.’

गौरतलब है कि नेताओं के खिलाफ विरोध जताने का एक प्रचलन सा चल गया है. कुछ दिनों पहले ही बाबा रामदेव पर स्याही फेंकी गई थी. जिसके बाद दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर सोनिया गांधी के पोस्टर पर भी स्याही फेंकी गई. हाल ही में टीम अन्ना की एक रैली में भी मंच पर जूता फेंका गया था.

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